रैली निकाली, दिनभर बंद रखी दुकानें
एसडीएम को ज्ञापन देकर कहा, तत्काल वापस लें फैसला
भास्कर संवाददाता | हरदा
केंद्र सरकार के फैसले का जिले के खाद, बीज और दवा विक्रेताओं ने विरोध किया है। तहसील के सभी विक्रेता एकत्रित होकर रैली निकालकर कलेक्टोरेट पहुंचेे। यहां नारेबाजी करते हुए एसडीएम को ज्ञापन देते हुए फैसले को तुरंत वापस लिए जाने की मांग की है।
फैसले के विरोध में जिलेभर के विक्रेताओं ने अपनी दुकानों को बंद रखकर तहसील स्तर पर प्रदर्शन किया। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे दर्जनों खाद, बीज और दवा विक्रेता एकत्रित होकर कलेक्टोरेट पहुंचे। विक्रेताओं ने यहां जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया। ज्ञापन में बताया सरकार के फैसले से विक्रेताओं की परेशानी बढ़ गई है। सरकार के फैसले के बाद दो साल में कृषि स्नातक, जैव रसायन, वनस्पति विज्ञान स्नातक कर्मचारी या स्वयं स्नातक या डिप्लोमा लिए जाने का राजपत्रों में प्रकाशन किया है। इस अवधि में डिग्री नहीं लेने पर लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। जिसके विरोध में जिले की खाद, बीज और दवा की सैकड़ों दुकानें बंद रही।
खाद, बीज और दवाई विक्रेता संघ के जिलाध्यक्ष विजय टाडा ने बताया कि केंद्र सरकार ने खाद, बीज और कीटनाशक दवाई का व्यवसाय करने के लिए कृषि स्नातक डिग्री और डिप्लोमा अनिवार्य कर दिया है। इसके विरोध में जिलेभर की दुकानों का बंद रखकर प्रदर्शन किया गया। साथ ही रैली निकालकर कलेक्टोरेट पहुंचे। यहां केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन देकर फैसले को वापस लिए जाने की मांग की है।
खाद, दवा और बीज विक्रेताओं ने रैली निकालकर विरोध जताया।