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ट्रामा सेंटर में शिफ्ट किया जाएगा एसएनसीयू

6 वर्ष पहले
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जिला अस्पताल में बना एनएनसीयू की स्थित ठीक नहीं है। बारिश के समय इसकी छत से पानी रिसता है। देखते हुए जल्द ही ट्रामा सेंटर में शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद नवजातों को और बेहतर इलाज मिलेगा। जिला अस्पताल का कायाकल्प अभियान जारी है। इसके बाद अब स्पेशल न्यूबॉर्न बेबी केयर यूनिट (एसएनसीयू) का भी कायाकल्प किया जाएगा। इसके प्रयास शुरू हो गए हैं। सीएमएचओ डॉ. आरसी उदेनिया ने बताया एसएनसीयू पुरानी बिल्डिंग में बना हुआ है। जो 2009-10 में शुरू हुआ था। नवजातों को और बेहतर सुविधाएं मिले, इसके लिए इसे ट्रामा सेंटर की नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाएगा। नया एसएनसीयू ट्रामा सेंटर की पहली मंजिल पर बनेगा। इसके रिन्युअल में करीब 5 लाख रुपए का खर्च होंगे।

एसएनसीयू की छत बारिश में मशीनों के रखरखाव में दिक्कतें आ रही है। नवजातों को बेहतर इलाज देने के लिए इसे ट्रामा सेंटर में शिफ्ट करेंगे। डॉ आरसी उदेनिया, सीएमएचओ

30-40 लाख के उपकरण
डॉ जेएस कुशवाहा ने बताया एसएनसीयू में महंगे उपकरणों के जरिए नवजातों का इलाज किया जाता है। इसमें करीब 30 से 40 लाख रुपए के उपकरण होते है। इसमें ऑक्सीजन, वॉर्मर, फोटो थेरेपी, टेम्प्रेचर कंट्रोलर, रेडियोलॉजी समेत अन्य उपकरण होते है। जिनसे ऐसे नवजात बच्चे जिनका वजन कम है, श्वास अवरुद्ध होने और पीलिया की समस्या से ग्रसित बच्चों का इलाज किया जाता है।

छत से बारिश में

टपकता है पानी
जिला अस्पताल का एसएनसीयू अभी पुरानी बिल्डिंग में संचालित हो रहा है। जहां पहले मेल वार्ड था। बिल्डिंग पुरानी होने के कारण इसकी छत में लीकेज है। इस कारण बारिश में एसएनसीयू की छत से पानी रिसता है। इससे बच्चों के साथ ही डॉक्टर्स और नर्स को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मेल को नई बिल्डिंग में स्थानांतरित किया है। वहीं पिछले सप्ताह एसएनसीयू की ऊपर महिला वार्ड था।

राहत