रंगों से दिया बेटी बचाने का संदेश, कलश यात्रा आज
नर्मदा जयंती उत्सव के पहले दिन नार्मदीय ब्राह्मण समाज के लोग उत्सव में सराबोर हो गए। सुबह से शाम तक चले सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम में समाज के लोगों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। किसी ने हाथों पर मेहंदी सजाई तो किसी ने पूजन की आकर्षक थाली सजाकर लोगों का ध्यान खींचा। समाज की कई युवतियों ने फर्श पर रंगोली उकेरकर पर्यावरण संरक्षण, कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बेटी बचाने का संदेश दिया।
नार्मदीय ब्राह्मण समाज द्वारा दो दिनी महोत्सव मनाया जा रहा है। पहले दिन शुक्रवार को खेड़ीपुरा स्थित समाज की धर्मशाला में शुक्रवार सुबह सरस्वती पूजन और नर्मदाष्टक के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत की गई। इस दौरान मेहंदी, रंगोली, पूजन थाली सजाओ, गायन, वाद विवाद और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता रखी। समाज के युवक-युवतियों ने प्रतियोगिता में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। शाम सात बजे विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ किया गया। गायन प्रतियोगिता में समाज के बच्चों ने हिस्सा लेकर समा बांध दिया। रंगोली प्रतियोगिता में युवतियों का खासा उत्साह नजर आया। कई युवतियों ने हिस्सा लेकर फर्श पर रंग बिरंगे चित्र उकेरे। युवतियों ने रंगोली बनाकर पर्यावरण पर चिंता जाहिर की। वहीं कई युवतियों ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बेटी बचाने का संदेश देते हुए रंगोली बनाई।
नर्मदा में चढ़ाएंगे चुनरी
नर्मदा जयंती के मौके पर आज रविवार को नर्मदा तट पर धार्मिक कार्यक्रम होंगे। विधायक आरके दोगने हंडिया में नर्मदा पर 501 मीटर की चुनरी चढ़ाएंगे। वहीं गोंदागांव गंगेश्वरी त्रिवेणी संगम पर छोटे मठ के महंत गोविंद गिरी, शंकर राजपूत, कमलेश व अन्य नर्मदा भक्त 351 मीटर की चुनरी चढ़ाएंगे। इस दौरान आरती और भंडारा भी होगा।
आज शहर में निकालेंगे कलश यात्रा
समाज के संदीप पाराशर ने बताया नर्मदा जयंती के मौके पर रविवार को समाज के युवा नर्मदा तट नेमावर पहुंचेंगे। यहां नाभिकुंड से जल लाकर परशुराम चौक पर पूजन करेंगे। जिसके बाद कलश को नार्मदीय धर्मशाला में स्थापित किया जाएगा। सुबह साढ़े दस बजे सामूहिक नर्मदाष्टक और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ किया जाएगा। दोपहर 12 बजे महाआरती और प्रसाद वितरण किया जाएगा। दोपहर चार बजे नार्मदीय धर्मशाला से कलश यात्रा निकाली जाएगी जो मुख्य मार्ग से होकर बड़े मंदिर पहुंचेगी। इसके बाद सामाजिक और धार्मिक विषयों पर क्विज प्रतियोगिता होगी। शाम 7 बजे महाआरती और छप्पन भोग लगाया जाएगा।
दूल्हा-दुल्हन बनकर आए बच्चे
फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में समाज के कई बच्चों ने हिस्सा लिया। बच्चे दूल्हा-दुल्हन, परी, गुजराती परिधान, सांता क्लॉज सहित कई परिधान में नजर आए। इसी दौरान दोपहर में करीब साढ़े चार बजे धर्मशाला में संयुक्त परिवारों के टूटने का दायित्व महिलाओं पर है, विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई। इसमें युवक, युवतियां और महिलाओं ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने संयुक्त परिवार के फायदे और परेशानियों के बारे में विचार रखे।
नर्मदा जयंती उत्सव के दौरान नार्मदीय धर्मशाला में शनिवार को युवतियों ने आकर्षक रंगोली बनाई।