महिला सशक्तिकरण अधिकारी पर रिश्वत मांगने का आरोप
ग्राम अबगांव खुर्द में न्यू ज्ञान शिखर शिक्षा समिति द्वारा संचालित बालगृह के संचालक एनपी विश्वकर्मा ने जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी डॉ. अर्चना दीक्षित पर समिति के पंजीयन के एवज में 50 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है।
विश्वकर्मा ने बताया वे तीन साल से महिला सशक्तिकरण अधिकारी डॉ. अर्चना दीक्षित से समिति के पंजीयन की मांग कर रहे हैं। लेकिन उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की। तब तत्कालीन कलेक्टर रजनीश श्रीवास्तव को सारा मामला बताया। कलेक्टर ने उनसे कारण पूछा। इस बीच उन्हें किसी मामले में सस्पेंड कर दिया। विश्वकर्मा ने बताया इस दौरान तत्कालीन महिला सशक्तिकरण अधिकारी संजय गहरवाल व जिला पंचायत सीईओ एस प्रिया मिश्रा व तत्कालीन कलेक्टर रजनीश श्रीवास्तव और सलाहकार समिति के सहयोग से फाइल पूरी कर पंजीयन के लिए भेजी गई। विश्वकर्मा ने अारोप लगाया जैसे ही डॉ. दीक्षित बहाल हुई तो उन्हें इस बात पर एतराज हुआ उनकी बिना अनुमति फाइल आगे कैसी भेजी गई। विश्वकर्मा ने आरोप लगाया उन्हें दीक्षित ने यह धमकी देते हुए 50 हजार रुपए बतौर रिश्वत मांगे। साथ ही यह भी कहा उनकी बिना अनुमति वे बाल गृह का संचालन नहीं कर सकेंगे। वे ऊपर से उनकी फाइल रिजेक्ट करा देंगी। विश्वकर्मा ने बताया वे विभाग के उप संचालक हरीश खरे से मिले, जिन्होंने फाइल ओके होने की बात कही। पंजीयन हो जाने का विश्वास दिलाया। संचालक ने कहा दीक्षित ने उन्हें यह कहकर धमकाया वे दो दिन में बालगृह बंद करा देंगी। विश्वकर्मा ने कहा कि वे कथा वाचन का काम भी करते हैं। सभी के सहयोग से इसका संचालन कर रहे हैं। उनके खिलाफ कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं है। वे समाजसेवियों की मदद से उन 24 अनाथ बच्चों की परवरिश कर रहे हैं, जो दो वक्त भरपेट भोजन के लिए यहां वहां पाॅलीथिन बीनने व भिक्षावृति करते थे। इस संबंध में महिला सशक्तिकरण अधिकारी डॉ. अर्चना दीक्षित से उनके मोबाइल 9425752897 पर संपर्क किया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। कलेक्टर श्रीकांत बनोठ ने भी मोबाइल रिसीव नहीं किया।
विभागीय सूत्रों की माने तो समिति ने पंजीयन के लिए अावेदन दिया था। जिसे भाेपाल से रिजेक्ट कर दिया गया। इस आशय का पत्र आने के बाद प्रशासन और महिला सशक्तिकरण विभाग हरकत में आया। दिन में महिला सशक्तिकरण अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार तथा चाइल्ड लाइन तथा पुलिस की बैठक हुई। इसमें यह तय हुआ कि इन बच्चों को नियमानुसार बाल गृह से मुक्त कराकर बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाए। लेकिन कुछ व्यवहारिक कारणों के चलते शनिवार को कार्रवाई नहीं हो सकी।
पंजीयन की अर्जी को योग्य नहीं माना
समिति के पंजीयन की अर्जी को विभाग के उप संचालक व सचिव आदि ने खारिज कर दिया है। उन्हें इस काम के लिए योग्य नहीं माना। ऐसे में इन बच्चों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा। शनिवार को कार्रवाई की तैयारी थी। अब रविवार को यह कार्रवाई की जाएगी। पैसों के मांगने की मुझे कोई जानकारी नहीं है। किरणलता केरकटटा, एडिशनल एसपी हरदा