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150 गांव के लिए केवल 9 लाइनमैन

7 वर्ष पहले
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जिलेकी सबसे बड़ी विद्युत स्टेशन नोहटा के अंतर्गत 150 से अधिक गांव में नियमित बिजली आपूर्ति की व्यवस्था के लिए संसाधनों लाइनमैनों की भारी कमी है। जिसके चलते आए दिन बिजली लाइनों की जर्जर व्यवस्था के चलते बिजली आपूर्ति में व्यवधान सबसे बड़ी समस्या बनी है। सब स्टेशन के अंतर्गत मात्र 9 लाइनमैन ही पदस्थ हैं। जिसके चलते यदि किसी गांव में बिजली लाइन टूट जाए या फाल्ट जाए तो शिकायत करने के बाद भी कई दिनों तक बिजली लाइन को चालू ही नहीं किया जाता। जिससे ग्रामीणों को परेशानियों से जूझना पड़ता है, लेकिन विभाग द्वारा इस दिशा में कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ब्लाॅक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजकुमार सिंह ने बताया कि गांव में जहां 12 घंटे बिजली मिल रही है।

अधिकांश गांवों की स्थिति तो यह बनी हुई है बिजली लाइनों में आई खराबी को सुधारने के लिए बिजली कंपनी महीनों का समय लगा रही है। जिससे ग्रामीण जनता को बिना बिजली के दिन-रात काटने विवश रहना पड़ता है। वहीं अबधबिहारी ने बताया कि नोहटा विद्युत सव स्टेशन में आने वाले 150 से अधिक गांव में नियमित बिजली आपूर्ति संभव ही नहीं हो पा रही है। क्योंकि संसाधनों और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे नोहटा विद्युत स्टेशन में इतने भी कर्मचारी भी नहीं है कि एक दिन में वाहन से इतने बड़े विस्तृत क्षेत्र में भ्रमण कर सके।

40गांव में मात्र एक लाइनमैन

बनवारविद्युत बस स्टेशन के अंतर्गत बनवार से सगौनी स्टेशन तक 40 से अधिक गांव में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की देखरेख के लिए एक लाइनमैन की व्यवस्था है। जिसमें दर्जनों से अधिक गांव ऐसे भी हैं जहां पर एक दिन में पहुचना मुश्किल है। बावजूद इसके इन गांव में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था एक लाइनमैन के सहारे चल रही है। पूरे क्षेत्र में बिजली व्यवस्था के सुधार के लिए महज एक 407 वाहन उपलब्ध है जो दमोह से कंपनी मुख्यालय तक दौड़ता है। सब स्टेशन के सभी गांव की रीडिंग, बिल वितरण के लिए आभाना, पटना, मौसीपुरा, बनवार, नोहटा, में महज 6 मीटर वाचक है जो कि तो मीटरों की रीडिंग ले पाते हैं और ही बिलों का गांव- गांव वितरण कर पातें है। प्रत्येक सब स्टेशन पर आॅपरेटरों की संख्या तीन है।

^कर्मचारी कमी तो है- यह बात सही है कि इतने बड़े क्षेत्र के लिए संसाधनों कर्मचारियों की भारी कमी है। जिसके बाद भी बिजली आपूर्ति व्यवस्था को संचालित किया जा