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गांव विकास की प्राथमिकता गांव में ही तय होगी : सीईओ

7 वर्ष पहले
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गांवमें शत प्रतिशत गांववासियों की बैठक बुलाकर गांव विकास के लिए प्राथमिकता तय हो। गांव में उपलब्ध संसाधनों एवं वहां की आवश्यकता के अनुसार कार्य तय किए जाएं ताकि एक आदर्श गांव का आकार उभर कर आए। यहां आज पंचायत के लिए पंचायत के निवासियों द्वारा कैसे कार्य किए जाए इसी बात का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

यह बात सोमवार को जनपद पंचायत की सीईओ शुची जैन ने बीआरसी सभाकक्ष में सघन सहभागी, नियोजन अभ्यास के तीन दिवसीय प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने सभी को प्रशिक्षण देते हुए कहा कि गांव में जाकर गांव वालो से मिलकर उनकी मांग पर ही वहां के विकास कार्य तय किए जाएंगे। ये सारे कार्य मनरेगा, अभिशरण मद से एवं अन्य विभागों के द्वारा पूर्ण कराए जाएंगे। प्रशिक्षण में मनरेगा के एपीओ द्वारका पटेल ने बताया कि जो ब्लाक प्लानिंग टीम तैयार हुई है, वह सबसे पहले गांव का भ्रमण करेगी। भ्रमण दौरान ग्रामवासियों को बैठक के लिए आमंत्रित करेगें। योजना तैयार के लिए सामाजिक, संसाधन एवं मौसमी मानचित्र गांववासियों के माध्यम से तैयार होगें।

इन्हीं के आधार पर मांग के आधार पर कार्य तय किए जाएंगे। मनरेगा के सहायक यंत्री डीके मिश्रा एवं जिला मनरेगा के प्रतिनिधि विजय तिवारी ने बताया कि गांव विकास के जो कार्य तय हो उसमें इस बात का ध्यान रखना परम आवश्यक है कि प्रति व्यक्ति आय बडे़, सबको रोजगार मिले, हर गरीब परिवार की अर्थिक स्थिति सुदृढ हो। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस कृषि विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद एवं पंचायत के समस्त मैदानी कर्मचारी अधिकारी मौजूद रहे।