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क्षमा सिर्फ इंसानों से ही नहीं प्रकृति से भी मांगे : डाॅ. सुभाष जैन

7 वर्ष पहले
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जैनधर्म के पर्वराज पर्यूषण पर्व समापन के अवसर पर बालाजी वार्ड नावघाट पर स्थित श्री विश्ववीर भवन में क्षमावाणी एवं मित्र मिलन समारोह मनाया गया। जिसमें नगर के चारों मंदिरों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। समाज के वरिष्ठजनों ने क्षमावाणी का महत्व बताते हुए कहा कि क्षमा मांगने से हम कायर सिद्ध नहीं होते बल्कि क्षमा तो वीरों का आभूषण होता है, इंसान गलतियों का पुतला होता है। सामाजिक रहन सहन में आए दिन गलती होती है।

बेहतर है कि हम अपनी गलती को समझे और आगे गलती हो यह प्रयास करें। आयोजन का शुभारंभ नैनी जैन के द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण से हुआ। आयोजन में अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश डाॅ. सुभाष जैन ने कहा कि इंसान अपराध प्रकृति के साथ कर रहा है, क्षमा हम सिर्फ इंसानो से ही नहीं बल्कि प्रकृति से मांगे।

क्षमा दूरियों को मिटाकर संबंधो को सुधारता है। इस अवसर पर केसी जैन, जयकुमार चंदेरिया, सुरेशचंद्र, गोपाल बजाज, अनिल सिंघई, संतोष सिंह राजपूत, जिनेश जैन, शीलचंद सिंघई, चंद्र कुमार, शाह मुकेश, दिनेश बाबू, नरेंद्र बाकल, कमला नामदेव, रानी जैन ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन जय कुमार जलज द्वारा एवं आभार भूपेंद्र जैन ने जताया।