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मांग पूरी नहीं होने पर भारतीय किसान संघ ने दिया धरना

5 वर्ष पहले
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भारतीय किसान संघ की ओर से बिजली कटौती बंद न करने और खराब ट्रांसफाॅर्मर न बदले जाने के विरोध में बिजली आॅफिस के सामने धरना दिया। इससे एक सप्ताह पहले एसडीएम को ज्ञापन देकर बिजली की कटौती बंद करने एवं खराब पड़े ट्रांसफारमर को तत्काल बदलने की मांग संघ के द्वारा की गई थी। तीन दिन में मांग पूरी न होने पर संघ के द्वारा बिजली आफिस के सामने धरना प्रदर्शन प्रारंभ किया गया। दो दिवसीय धरना प्रदर्शन में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक किसानों ने बिजली आफिस के समक्ष ही बैठकर विभाग के विरोध में भाषणबाजी और नारे बाजी की। इस आंदोलन में महिला किसानों ने भी भाग लिया।

रसीलपुर से आई सुमतरानी, सियारानी, कमलरानी, बतीबाई, बेबी प्रजापति, सियारानी रजक ने बताया कि हम लोगों ने बिजली बिल का पाई पाई चुका दिया इसके बाबजूद भी गांव में 15 दिन से बिजली नहीं है, सिंचाई न होने से पूरी फसले प्रभावित हो रही है साथ ही रात में बिजली न मिलने के कारण छात्र पढाई नहीं कर पा रहे हैं। लखन साहू ने बताया कि आटा चक्की का एक माह में एक लाख 17 हजार 978 रुपए का बिल थमाया गया है, मुलु विश्वकर्मा ने बताया कि मुझसे जबरन 5 एचपी की एडवाइस ली गई, जबकि मैं उनसे कहता रहा कि मेरे पास 3 एचपी का विद्युत पंप हैं। चकरदा के किसान दामोदर विश्वकर्मा ने बताया कि एक ही डीपी से 15 कनेक्शन होने के कारण बिजली पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रही है। जुगल पटैल देवरी ने बताया कि हमारे गांव में करीब 10 दिन से बिजली नहीं मिल पा रही है। निवास के नरेश पटेल ने बताया कि हमारे गांव में बिजली के खंबा तो लगा दिए, लेकिन तार आज तक नहीं लगा है। भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष चंद्रभान पटेल ने बताया किसानों को यदि प्रकृति साथ देती है तो धरातल पर भ्रष्ट अधिकारियों की मार झेलनी पड़ रही है। किसान जिसकी आज खेत में आवश्यकता है, उसे मजबूरन धरना पर बैठना पड़ रहा है, भ्रष्ट अधिकारियों एवं विभाग की गलत नीतियों के कारण सब परेशान है। बिजली विभाग के प्रभारी जेई संजय जैन ने बताया कि हटा क्षेत्र में करीब 1400 डीपी है, मात्र 25 से 30 डीपी खराब है। जिन्हें सुधार कर संबंधित गांव में भेजी जा रही है। रसीलपुर में 15 लाख से ज्यादा बिजली बिल बाकी होने के कारण वहां की बिजली में सुधार नहीं हो पा रहा है।





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