गोला फेंका, दौड़ लगाई और दी पटकनी
स्कूलों में नहीं खेल शिक्षक
मंगलवारको खेल प्रतियोगिता में भाग लेने आए छात्रों ने स्कूलों में खेल शिक्षक नहीं होने पर चिंता व्यक्त की। छात्रा शीतल राजपूत, रचना, भावना, राजा बाई ने बताया कि स्कूल में खेल शिक्षक नहीं होने के कारण कारण खेल की बारीकियों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाती है। माया, चंदा, क्रांति, पूजा ने बताया कि अधिकांश छात्राएं कई खेलों में अच्छी प्रस्तुति दे सकती हैं। लेकिन दुर्भाग्य है, कि जिस संस्था में दो हजार से अधिक छात्राएं है वहां कोई खेल शिक्षक तक नहीं है। रजपुरा से आए छात्र हनुमत यादव, कमलेश गौड़, राकेश यादव, मनीषा, लक्ष्मी, विनीता, शालिगराम, छोटेलाल बंजारा ने बताया कि गांव में खेल प्रतिभाओं का भंडार है, लेकिन आज स्थिति है कि सामान्य खेल के संबंध में भी छात्रों के पास कोई जानकारी नहीं है। गोला कैसे पकड़ना है, दौड़ में स्टेप कैसा जाना चाहिए। कौन कौन सी प्रतियोगिताएं होती है इनकी भी जानकारी छात्रों को नहीं है।