युवाओं के हाथों में है गांव की सरकार
जिलेके जबेरा जनपद में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अधिकांश गांव में मतदाताओं ने युवा प्रत्याशियों को चुना है। इसमें कुछ ऐसे प्रत्याशी भी हैं जिनके उम्र महज 22 साल है। जिन्होंने राजनीति में पहला कदम रखा है।
ग्रामीणों का कहना है कि युवा ही देश का भविष्य हैं। और युवाओं के हाथों गांव की सरकार सौंपने से निश्चित ही गांव का विकास तेजी से होगा। चुनाव जीतने वाले युवा प्रत्याशियों ने भी विकास का एजेंडा तय किया है। उनका कहना है कि उनका पहला मकसद क्षेत्र के पिछड़ेपन को दूर करना है साथ ही गांव-गांव को बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं मुहैया करना है। जबेरा जनपद की जिला पंचायत जबेरा सीट से युवा शिक्षित संगीता मरकाम ने आदिवासी अंचलों काे विकास की मुख्य धारा में खड़ा करने का लक्ष्य बताया है तो जिला पंचायत नोहटा क्षेत्र से निर्वाचित एलएलबी शिक्षित 36 वर्षीय राघवेंद्र सिंह ने गांव-गांव में जलसंकट की दूर करने के साथ ग्रामीणों को शासन से मिलने वाली प्रत्येक योजना का समुचित लाभ पहुंचाने जिम्मा उठाया है।
गौरतलब हो कि जनपद जबेरा में संपन्न हुए प्रथम चरण के पंचायत चुनाव के घोषित नतीजों में इस बार सर्वाधिक संख्या में जिला जनपद सरपंच पद के लिए युवाओं को निर्वाचित करके गांव-गांव के विकास की जिम्मेवारी सौंपी है। जनपद के 24 वार्ड में से निर्वाचित हुए 24 जनपद सदस्यों में 16 महिलाएंं चुनकर आई हैं। जिसमें एक दर्जन महिलाएं शिक्षित युवा हैं। जिनमें पोंडी जनपद सीट से निर्वाचित 22 वर्षीय अंजनी सिंह कक्षा दसवीं तक शिक्षा गृहण करके पढाई छोड़ दी।
उनके मन में इस बात का मलाल है कि गांव में हाई स्कूल होता तो कम से कम हायर सेकेंडरी तक की पढ़ाई पूरी हो जाती। इसी समस्या के समाधान के लिए दर्जनों गांव के लिए पोंडी में हायर सेकेंडरी स्कूल खुलवाने उनकी पहली प्राथमिकता होगी। वही चौपरा जनपद क्षेत्र के निर्वाचित जनपद सदस्य 33 वर्षीय सचिन मोदी का कहना है कि जनपद क्षेत्र का केवल आम नागरिक था जब से ही अपने क्षेत्र के लोगों की जन समस्या समाधान के लिए दिन रात काम किया है। अब जनता ने मुझे जनपद सदस्य निर्वाचित किया है। मेरी जिम्मेवारी युवाजोश के साथ दोगुनी हो गई है।
गांव के लोगों को राशन पानी, पेंशन की सुविधा घर बैठे मिले इसके लिए प्रयासरत हूं। नोहटा से निर्वाचित 35 वर्षीय पूनम नेमा का कहना है कि गांव को स्वच्छ सुंदर बनाना पहली प्राथमिकता है। साखा से निर्वाचित हाईस्कूल पास विमला, कुलुवा से निर्वाचित 26 वर्षीय मोहनीवाई ने बताया कि क्षेत्र के पिछड़ेपन को दूर करके विकास की मुख्यधारा से जोड़ना चाहती हूं। जबेरा से जनपद सदस्य शिक्षित 30 वर्षीय निर्मला झारिया का कहना है कि जनपद मुख्यालय होने बाद भी जबेरा का समुचित विकास नहीं हुआ है। यहां कि गलियां आज भी गंदगी से पटी पड़ी हैं। गांव को स्वच्छ बनाने की दिशा में काम करना चाहती है।
क्षेत्र की माला और बम्हौरी जनपद क्षेत्र से जेठानी सुषमा राय देवरानी उमा राय को क्षेत्र की जनता ने जनपद सदस्य के लिए चुना है। इस क्षेत्र के विकास की जिम्मेवारी क्षेत्र की राजनीति के दिग्गज परिवार के हाथ में है। सुषमा राय का कहना है कि उनका पहला काम बम्हौरी गांव के प्रत्येक घर में पेयजल पहुंचाना है। साथ ही सिमरी खुर्द गांव को पहुंच मार्ग से जोड़ना है। वहीं स्नातक तक शिक्षा प्राप्त 30 वर्षीय उमा राय का कहना है कि क्षेत्र 9 में जनसमस्या तो अधिक हैं लेकिन पहले परस्वाहा गांव में 12 माह व्याप्त जल समस्या को दूर करना उनका पहला लक्ष्य है।
अंजली सिंह।
उमा राय।