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लेक्चरर की कमी से जूझ रहा हटा का काॅलेज

6 वर्ष पहले
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नगरका एक मात्र शासकीय राघवेंद्र सिंह हजारी कॉलेज लेक्चरर की कमी से जूझ रहा है। जिससे विद्यार्थियों को सही तरह से शिक्षा नहीं मिल पा रही है। काॅलेज में 1000 के करीब छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है। जिसमें बीए में 660, बीएससी में 250, बीकाम में 60 तथा एमए अर्थशास्त्र में 30 विद्यार्थी है। इन को पढ़ाने के लिए काॅलेज में नियमित मात्र 5 लेक्चरर ही नियुक्त है। जो उनकी संख्या के हिसाब से नाकाफी है। हालांकि छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो इसके लिए कॉलेज प्रबंधन ने 11 अतिथि लेक्चरर की नियुक्ति की गई है। इसके साथ ही लैब टेक्नीशियन, खेल अधिकारी, लेखापाल, के साथ साथ सहायक ग्रेट 3 का भी पद खाली हैं। इससे यहां के सरकारी काम भी प्रभावित हो रहे हैं। वहीं विद्यार्थी को भी अध्ययन में भारी परेशानी रही है। लेक्चरर की कमी होने से छात्र-छात्राएं कम ही कॉलेज आते हैं और जो आते वह यहां-वहां बैठकर वापस घर लौट जाते हैं।

कॉलेज से मिली जानकारी अनुसार यहां पर लेक्चरर के 16 पद स्वीकृत हैं जिनमें से मात्र 5 पद ही नियमित भरे हैं। बाकी के पदो पर गेस्ट फेकल्टी को रखा गया है। इसके साथ ही बाबू, खेल अधिकारी, कंप्यूटर, लैब में भी कर्मचारी की कमी है। लेक्चरर में अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र, समाज शास्त्र, हिंदी, भौतिक साइंस, गणित वाणिज्य विषय के लेक्चरर नहीं है। गौरतलब है कि ब्लाक का एक मात्र सरकारी कॉलेज होने से नगर सहित गावों के बच्चे यहां पर पढ़ने आते हैं। लेकिन अब यहां पर पढ़ाने वालो की कमी के कारण अब बच्चे शहर में खुले प्राइवेट सरकारी कॉलेज में दाखिला लेकर पढ़ाई कर रहे हैं। छात्र रोहन, लखन, रोहित ने बताया कि कॉलेज में तो खेल विधी से संबंधित कभी शिक्षा दी जाती है। ही सही तरह से पीरियड लगते हैं। यहां के अधिकतर कक्ष तो कई साल से खुले ही नहीं है। कभी कभार ही यहां पर लेक्चरर आते हैं लेकिन वह भी समय व्यतीत कर चले जाते हैं। खासकर आर्ट की कक्षाएं बहुत कम ही लगती हैं।

शासनको कई बार पत्र लिखा है

^कॉलेजमें पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति के लिए वह कई वार शासन को पत्र लिख चुके हैं लेकिन इस ओर आज तक ध्यान नहीं दिया गया। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो इसके लिए गेस्ट फेकल्टी को नियुक्त किया गया है। कॉलेज में खाली पढ़े पदों को भरने के लिए प्रयास किए जा रहे लेकिन शासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।^सीबी सौदिया, प्राचार्य हटा कालेज

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