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बगलामुखी महायज्ञ के दौरान सैकड़ों भक्तों ने दी आहुतियां, बगलामुखी महायज्ञ का तीसरा दिन, 351 प्रख्यात िवद्वान करा रहे शुद्ध साित्वक संकल्प

6 वर्ष पहले
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मां काली और बगुलामुखी दुष्टों को नष्ट करने वाली हैं: शुक्ल
सृष्टि में तीन प्रकार के यज्ञ होते हैं, सात्विक, राजसी और तामसी। सात्विक यज्ञों से मुक्ति, संसार का कल्याण, राजस यज्ञों से सांसारिक सुख-धन-धान्य आदि सुख प्राप्त होते हैं, जबकि तामसी यज्ञों से अनेक प्रकार के कष्ट एवं नरक की प्राप्ति होती है।

सृष्टि में यज्ञ एक अनादि महानुष्ठान है। यज्ञ से देवी-देवता, मनुष्य अर्थात संसार के सभी प्राणियों का जनकल्याण होता है। यह विचार नगर में चल रहे सप्तकोटि सपाद मां बगलामुखी महायज्ञ के यज्ञाचार्य मथुरा प्रसाद शास्त्री ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यज्ञ से देवी देवताओं को तृप्ति, वर्षा होना, अन्न की प्राप्ति के पश्चात प्राणियों की अन्न से सुरक्षा होती है। यज्ञ अनेक प्रकार के होते हैं। जिसमें हवन यज्ञ, दान यज्ञ, ज्ञान यज्ञ इत्यादि शामिल हैं। वर्तमान समय में उपकाशी नगर हटा में चल रहे महायज्ञ का नाम सप्त सपाद कोटि जपात्मक यज्ञ है। जिसमें सवा करोड़ मंत्र के जाप के माध्यम से अनुष्ठान संपन्न होते हैं। उन्होंने कहा कि मां बगलामुखी का मूलरूप महाकाली का होता है। मां काली एवं बगला पापों और दुष्टों को नष्ट करने वाली हैं। लेकिन वर्तमान में बगलामुखी यज्ञ का संकल्प केवल उनकी प्रसन्नता के लिए एवं जग के कल्याण के लिए किया है। यह भ्रम लोगों का गलत है कि माता बगलामुखी केवल शत्रुओं का नाश करती हैं। यदि मां बगलामुखी यज्ञ के द्वारा आकर्षण, वशीकरण, मारण, मोहन, उच्चारण सहित ये छः कर्म का संकल्प न किया जाए तो माता भक्तों का और संसार का सबका कल्याण करती हैं। शुद्ध सात्विक रूप में मां बगलामुखी संसार का कल्याण करने वाली देवी हैं। गौरतलब हो कि क्षेत्र की सुख समृद्धि के लिए आयोजित 25 कुंडीय महायज्ञ में काशी के यज्ञाचार्य मथुरा प्रसाद शास्त्री, आचार्यत्व में मानवेन्द्र सिंह हजारी प्रधान यजमान सहित 74 अन्य यजमान के साथ देशभर से आए 351 प्रख्यात विद्वानों के साथ शुद्ध सात्विक संकल्प को संपन्न कराया जा रहा है।

दैवीय भागवत कथा सुनने पहुंच रहे श्रद्धालु
इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रीमददेवी भागवत कथा का आरंभ हो गई है। जिसमें मुंबई से पधारी डाॅ. सोनिया दीदी देवी भागवत कथा को अपने मुखारविंद से बखान कर रही हैं। रविवार को उन्होंने मां दुर्गा के शक्ति स्वरूप एवं उनकी महिमा के बारे में विस्तार से बताया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

हटा।महायज्ञ में वैदिक मत्रोपचार के साथ पूजन अर्चन कराते विद्वान पंडित।

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