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- प्रभु के गुणानुवाद से परमात्मा बन सकते हैं : संजीव भैया
प्रभु के गुणानुवाद से परमात्मा बन सकते हैं : संजीव भैया
पर्युषण पर्व : आदिश्वरगिरी में मनाया गया क्षमावाणी महोत्सव
नगरके अतिशय दिगंबर जैन आदिश्वरगिरी तीर्थ क्षेत्र में पर्वराज पर्युषण की पूर्णता पर प्रदेश स्तरीय क्षमावाणी कार्यक्रम बड़ी धूमधाम भव्यता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम बाल ब्रह्मचारी संजीव भैया, अरुण भैया कंटगी, विजय भैया लखनादोन, ब्रह़मचारी प्रदीप ललितपुर के सानिध्य में हुआ। क्षमावाणी मेला के स्वास्थ्य राज्यमंत्री शरद जैन मुख्य अतिथि थे। उन्होंने मेला में कहा कि क्षमा वीरस्य भूषणम अर्थात क्षमा वीरों का आभूषण है। क्षमा मांगना या क्षमादान देना दोनों ही जैन दर्शन का मूल आधार है। हमें क्षमा उत्थान के लिए भाईचारे के साथ रहने का पाठ क्षमा वाणी के दिन से अपने जीवन में अंगीकार करना चाहिए। अध्यक्षता करते हुए नरेश दिवाकर पूर्व विद्यायक सिवनी ने कहा कि आज वर्तमान विशमता में क्षमा से ही समाज में समता की स्थापना की जा सकती है। क्रोध हरण करके इंसान को हैवान बना देता है। जैन धर्म विश्व मैत्री की भावना बढा़ने के लिए क्षमा की शिक्षा देता है। जो मात्र इंसान से ही नहीं अपितु सम्पूर्ण प्राणियों से आदान-प्रदान करने की शिक्षा देता है। आज विश्व को क्षमा की महती आवश्यकता है। इस अवसर पर ब्रं. विजय ने धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि क्षमा वचन प्रवचन में नहीं अपितु आचरण में होना चाहिए।। दिगंबर मुनि प्रतिकमण प्रतिदिन करते हुए अपने आचरण की समीक्षा करते हैं। वह रोज सभी प्राणियों से क्षमायाचना करते हैं एवं सभी को क्षमा प्रदान करते हैं। पं. प्रदीप जैन ने क्षमा को संस्कार बताते हुए कहा है कि मात्र ही विश्व की आधी समस्याओं को समाप्त कर सकती है। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह शांति विधान, श्रीजी की यात्रा, दोपहर में महामस्तकाभिषेक, कलशधारा सांध्य, भोज के बाद राजस्थान से पधारे संगीतकार राजेश जी के मधुर संगीत में आरती एवं महिला मिलन कांच मुदिर दमोह की नृत्य प्रस्तुति के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में दमोह जिले की जैन समाज सहित जबलपुर, कटनी, सागर, रायसेन, विदिशा, अशोकनगर, भोपाल, इंदौर, नरसिंहपुर, सिवनी आदि अनेक जिलों के श्रद्धालुओं के साथ नोहटा ग्रामवासियों की सहभागिता रही।
नोहटा। क्षमावाणीकार्यक्रम में प्रस्तुति देतीं महिलाएं।
नोहटा। आदिश्वरगिरीमें आयोजित कार्यक्रम में मौजूद दर्शक।