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गड़बड़ी करने वाले रात को करते थे बिलों को अपडेट
रात को होता था ट्रांजेक्शन-पता कर रही कंपनी
जिनसमायोजित बिलों में देर रात का टाइम लिखा है वह कहां से जनरेट होते थे यह कंपनी को पता नहीं चल पा रहा है। क्योंकि आफिस टाइम शाम 5 बजे खत्म हो जाता है। ऑपरेटर बिल जनरेट करने के लिए ज्यादा से ज्यादा 7 या 8 बजे तक ही ऑफिस में कई बार रुकते थे। लेकिन देर रात को बिलों को कहा से जनरेट किया गया यह कंपनी के समझ में नहीं रहा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो कई बार अधिकारी देर रात तक ऑफिस में अगले बैठकर कार्य करते थे। क्या कार्य होता था यह कर्मचारियों की जानकारी में नहीं है। इधर कंपनी फेफरताल में ही रहने वाले पूर्व ऑपरेटर पर शक जता रही है।
समायोजन में गड़बड़ी
नगर संवाददाता|होशंगाबाद
बिजलीबिलों में गड़बड़ी करने वाले देर रात को बैठकर हेराफेरी का काम करते थे। गड़बड़ी करने वाले समायोजन बिलों को देर रात सुधारते थे। जिससे कि किसी को पता नहीं चले। लेकिन गड़बड़ी करने वालों ने बिलों में ही अहम सबूत छोड़ दिए हैं। गड़बड़ी करने वालों ने ऐसे बिल रात को जनरेट किए हैं, जिससे उनमें रात का समय गया है। गड़बड़ी करने वालों ने रात 12 से 1 बजे बिल निकाले हैं। कंपनी में जांच कर रहे अधिकारियों को ऐसे कई फर्जी बिल मिले हैं। वहीं बड़ी संख्या में जो बिल समायोजित हुए हैं इनमें से अधिकतर देर रात को ही निकाले गए हैं। बिलों को समायोजित करने में अधिकारियों की आईडी का उपयोग किया गया है।
अब कंपनी के जांच करने वाले यह समझने में लगे हुए हैं कि पूरे मामले में अधिकारी भी शामिल हैं या किसी ऑपरेटर, रीडर, कर्मचारी ने ऐसी गड़बड़ी की है। इधर देखें तो कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को लगातार परेशान किया जा रहा है। कंपनी अपनी गलती का ठीकरा उपभोक्ताओं पर फोड़ रही है। उपभोक्ताओं के बिल जमा करने के बाद भी उनसे कहा जा रहा है कि आपने बिल जमा नहीं किया और कनेक्शन काटकर बिल भरने का दबाव बनाया जा रहा है। शहर के दो हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं से बिजली कंपनी समायोजन के नाम पर हुई एक करोड़ 70 लाख रुपए की राशि का वसूली अभियान चला रही है। जिस मामले में कंपनी को पहले जांच कर कार्रवाई करना था अब उसे दरकिनार कर कंपनी उपभोक्ताओं को परेशान कर रही है।