- Hindi News
- बिजली कंपनी के लाइनमैनों का काम कर रहे प्राइवेट वर्कर
बिजली कंपनी के लाइनमैनों का काम कर रहे प्राइवेट वर्कर
बिजलीकंपनी में बिल गड़बड़ी के बाद अब मीटर लगाने में बिचौलियों को जोड़कर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। यह काम कर रहे बिजली कंपनी के लाइनमैन, जो खुद मीटर लगाने की जगह प्राइवेट वर्करों को उपभोक्ताओं के घर पहुंचा रहे हैं। यह प्राइवेट वर्कर लोगों के घर मीटर लगाने के 100 से 500 रुपए वसूल रहे हैं। खर्चा-पानी के नाम पर वसूले जा रहे रुपए से आम लोगों पर आर्थिक भार पड़ रहा है। कुछ स्थानों पर यह लाइनमेनों के यह प्राइवेट वर्कर मीटर लगाने के कम पैसे मिलने पर विवाद भी उतारू हो जाते हैं। खास बात तो यह है कि कंपनी के ऑफिस से इन प्राइवेट वर्करों को सीधे मीटर लगाने के लिए दे दिया जाता है। लाइनमैन मीटर लगा रहे हैं या प्राइवेट वर्कर इस तरफ अधिकारियों का ध्यान नहीं है। चार दिन पहले भी मालाखेड़ी के एक उपभोक्ता के यहां मीटर लगाने पहुंचे प्राइवेट वर्कर ने जबरन 150 रुपए ले लिए। उपभोक्ता ने कंपनी में शिकायत की।
प्रतिनिधि ने मामले की छानबीन की गई तो पता चला कि करीब आधा दर्जन प्राइवेट वर्कर कंपनी के लाइनमैन अधिकारी के इशारे पर उपभोक्ताओं के घर पहुंचकर मीटर लगा रहे हैं।
मीटर लगाने वाले ने कहा-लाइनमैन देते हैं काम
मालाखेड़ी में मीटर लगा रहे मनोज रैकवार को हमनें उनके मोबाइल नंबर 9424420706 पर कॉल किया। मनोज से पूछा कि मीटर लगाने के पैसे उपभोक्ता पहले ही कंपनी में जमा कर चुका है, फिर लगाई के अतिरिक्त पैसे क्यों ले रहे हैं आप। मनोज ने कहा यह अतिरिक्त काम में आता है। पूछा गया कि आप कंपनी में किस पद पर कार्यरत हो। मनोज ने कहा मैं कंपनी में काम नहीं करता। मुझे लाइनमैन मीटर लगाने का काम देते हैं। लाइनमैन का नाम पूछने पर मनोज ने कॉल काट दिया। कंपनी के जोन-2 ऑफिस में रामविलास के नाम इश्यू हुए मीटर की जानकारी ली गई तो यहां भी मनोज रैकवार नाम के व्यक्ति को मीटर इश्यू करने की बात सामने आई।
खर्चा-पानी तो देना ही पड़ेगा
मालाखेड़ीनिवासी रामविलास यादव द्वारा आठ माह में की गई एक दर्जन शिकायतों के बाद चार दिन पहले मनोज रैकवार नाम के व्यक्ति ने मीटर लगाया। मीटर लगाने से पहले मनोज ने उपभोक्ता को फोन भी किया। श्री यादव ने बताया कि मीटर लगाने के बाद कंपनी के कर्मचारी मनोज रैकवार ने मुझसे खर्चा पानी के 150 रुपए मांगे। पैसे नहीं देने पर दिक्कतें आने की बात भी कही। मीटर निकाल लें इस डर के कारण पैसे दे दिए। बाद में कंपनी में शिकायत की।
इसी प्रकार मीनाक्षी चौक क्षेत्र निवासी सोनू दुबे के यहां भी कुछ समय पहले मीटर लगा था। यहां भी प्राइवेट वर्करों ने 200 रुपए लिए। शहर में मीटर लगाने का 50 फीसदी काम प्राइवेट वर्कर कर रहे हैं। इसके अलावा प्राइवेट कंपनी एटूजेड के कर्मचारी भी मीटर लगाने का काम कर रहे हैं। इनके द्वारा भी मीटर लगाने के बदले रुपए मांगने की शिकायत पूर्व में उपभोक्ताओं द्वारा की जा चुकी है।
उपभोक्ता के साथ गड़बड़ी की, कार्रवाई जरूर होगी
^मीटरलगाने का काम लाइनमैनों द्वारा किया जाता है। यदि कोई लाइनमेन प्राइवेट वर्करों से काम करा रहा है तो गलत है। इसके साथ मीटर लगाने के लिए उपभोक्ता से जबरन पैसे लेना तो बड़ा गंभीर मामला है। उपभोक्ता के साथ गड़बड़ी हुई है तो कार्रवाई जरूर होगी। वहीं कोई बिचौलिया मीटर लगाते मिला तो उसके खिलाफ थाने में शिकायत की जाएगी। -एमएसयादव, महाप्रबंधक बिजली कंपनी होशंगाबाद
दो कारण प्राइवेट वर्करों पर नजर रखने के
बिजलीकंपनी में नाम कार्यरत कर्मचारी (नाम बताने की शर्त पर) ने बताया कि दोनों जोन में लाइनमैनों की संख्या कम है और काम ज्यादा। इसके लिए लाइनमेनों ने बिजली का काम करने वाले ठेकेदारों के वर्करों से सांठगांठ करके रखी हुई है। कुछ समय पहले तक लाइनमेन प्राइवेट वर्करों को मीटर देकर संबंधित उपभोक्ता के यहां भेज देते थे। लेकिन अब विश्वासपात्र होने पर प्राइवेट वर्कर मीटर इश्यू करने वाले से सीधे मीटर लेकर उपभोक्ता के यहां लगा देता है। इसके अलावा कुछ लाइनमेनों ने अतिरिक्त पैसे कमाने के लिए प्राइवेट वर्कर रखे हैं। जो उपभोक्ता के यहां मीटर लगाने के पैसे लेते हैं और कमीशन लाइनमैनों को दे देते हैं। इस व्यवस्था से किसी प्रकार की शिकायत होने पर लाइनमैन का नाम सामने नहीं आता। कर्मचारी ने बताया कि उपभोक्ता ने मीटर लगाने 1556 रुपए की रसीद कटाई है तो घर में मीटर लगते-लगते उसे 2500 रुपए का मीटर पड़ जाता है। मीटर लगाई के 100 से 500 रुपए और केबल के पैसे भी उपभोक्ता को देने पड़ते हैं।