प्रतिवेदन लेकर भाग गए सीएस
सीएमएचओकार्यालय में जांच अधिकारी के सवालों से नाराज होकर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन ने खुद के दिए गए बयानों की कॉपी उठाकर कार्यालय से चले गए। इस दौरान सीएस डॉ.डीपी सिंह को जांच अधिकारी डीएचओ डॉ.जीसी सोनी और मदन वर्मा ने काफी रोकने का प्रयास किया, लेकिन डॉ.सिंह ने किसी की सुनी नहीं। जब डीएचओ डॉ.सोनी पूरे मामले को लेकर पंचनामा तैयार करने लगे तब सीएस खुद वापस आकर अपने बयानों की कॉपी डॉ.सोनी को सौंपी। डॉ.जीसी सोनी का कहना है कि डॉ.डीपी सिंह से जब चार स्तरीय वेतनमान का मामला कोर्ट में होने की बात कही गई, तो गुस्साए सीएस ने जांच के दौरान ही कह दिया कि कोर्ट के आदेशों के विषय में कुछ नहीं जानता और जांच के कागज लेकर भाग गया। 5 मिनट बाद खुद आकर बयानों में एक बयान को खुद काटकर शीट में हस्ताक्षर कर वापस चले गए। दरअसल बुधवार को डॉ.शरद गुप्ता के पीपीओ जारी करने के लिए 7 हजार रुपए की मांग करने वाले मामले में सीएमएचओ कार्यालय में जांच चल रही थी। इधर सीएमएचओ डॉ.एएल मरावी का कहना कि वो कलेक्टर के पास मीटिंग में चले गए थे,ऐसे में अभी उनको पूरे मामले में जानकारी नहीं मिल सकी है।
इधर, सिविल सर्जन कार्यालय के एकाउंटेंट का पद को खुद शशांक माने ने अपनी इच्छा से छोड़ दिया है। शशांक माने का कहना है कि इतने विवादों के बाद सीएस के एकाउंट का काम कर पाना उसके लिए संभव ही नहीं है।