सतरास्ता से हटाया महाकाली मंदिर
होशंगाबाद| जिलेमें खाद की कमी है। जरूरत के हिसाब से पूर्ति नहीं हो रही है। जिसे लेकर किसानों का एक दल सोमवार कलेक्टर से मिलने कलेक्टोरेट पहुंचा था। लेकिन उन्हें मेन गेट के बाहर ही रोक दिया। उन्हें करीब 15 मिनट तक प्रवेश नहीं दिया गया। जिस पर किसान नाराज हो गए अौर नारेबाजी करने लगे। इसके बाद वे गेट पर ही बैठ गए। किसान कलेक्टर से मिलने को लेकर अड़े थे। जिसके लिए करीब चार बजे से पौने पांच बजे तक मेन गेट पर नारेबाजी करते रहे। इस बीच अधिकारी कलेक्टोरेट परिसर से बाहर निकलने वाले कर्मचारियों की लाइन लग गई। परिसर में जाम जैसी स्थिति बन गई। हालांकि किसानों के दल से उनकी समस्याओं पर बात करने इस बीच इटारसी एसडीएम राजकुमार खत्री अन्य अधिकारी पहुंचे थे जिनसे किसानों ने बात करने से इनकार कर दिया।
इस बीच एडीएम एचएस मीना कोठी बाजार की तरफ से कलेक्टोरेट जा रहे थे लेकिन मेनगेट बंद था। आवागमन रुका हुआ था। जिस पर उन्होंने किसानों से बात की, उनकी समस्याएं सुनी और उन्हें निराकरण का आश्वासन दिया। इस बीच किसान एडीएम के बीच नोक-झोंक भी हुई। करीब एक घंटे तक कलेक्टोरेट के मेन गेट पर यह घटनाक्रम चलता रहा। किसान संघ के सूरजवली जाट, उदय पांडे, ग्यारसा पटेल जितेंद्र तोमर ने बताया कि किसान परेशान हैं लेकिन अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। कृषि विभाग ने पहले से कोई तैयारी नहीं की। मंडियों से किसानों को नगद भुगतान नहीं हो रहा है। गेहूं की बोवनी लेट हो गई है क्योंकि समय पर डीएपी की पूर्ति नहीं हो पाई। जिन किसानों ने खाद की व्यवस्था कर बोवनी की उन्हें अब यूरिया नहीं मिल रहा है, गेहूं की फसल प्रभावित हो रही है।
किसानों ने यह भी बताया- बिजली पर्याप्त नहीं दी जा रही है, 2013 में फसल का मुआवजा ठीक से नहीं बांटा गया। कृषि विभाग से अनुदान की राशि समय पर नहीं मिल रही है। बिजली चोरी के झूठे प्रकरण बनाए जा रहे हैं।
किसान एडीएम के बीच हुई नोंकझोंक
किसान- जिले में खाद की कमी है, मंडियों से नगद भुगतान नहीं हो रहा है। खाद की कालाबाजारी हो रही है। सीजन निकलता जा रहा है। कमिश्नर साहब से भी खाद नहीं मिलने की शिकायत कर चुके हैं, आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल रहा है।
एडीएम- खाद की कमी नहीं है। जरूरत के हिसाब से खाद दे रहे हैं। मंडियों से नगद भुगतान हो रहा है।