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तीन कंप्यूटरों से हुई थी बिजली बिलों में गड़बड़ी

7 वर्ष पहले
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गलत बिल देने पर फोरम ने लगाया 5 हजार का जुर्माना

बिजलीकंपनी में बिलों के समायोजन में हुई गड़बड़ी के मामले में नया खुलासा हुआ है। भोपाल की साइबर क्राइम की टीम ने बिलों की गड़बड़ी के लिए प्रयोग किए गए तीन कंप्यूटरों के आईपी नंबरों को ट्रेस किया है। फेफरताल स्थित कंपनी के ऑफिस के इन तीनों कंप्यूटरों से ही कंपनी के कर्मचारी, अधिकारी, रीडर, ऑपरेटरों ने बड़ी मात्रा में गड़बड़ी की थी। बिल और अन्य तकनीकी जांच के बाद साइबर क्राइम ने यह गड़बड़ी पकड़ी है। अब इन कंप्यूटरों का उपयोग करने वालों की जांच की जा रही है। कंपनी सूत्रों के अनुसार सहायक यंत्री के कक्ष से ही अधिकतर बिल अपडेट होते हैं। इसके अलावा विभाग के दूसरे कंप्यूटरों में यह सुविधा नहीं है। इसके बावजूद इन तीन कंप्यूटरों से गड़बड़ी कैसे हुई, यह जानकारी साइबर क्राइम के अलावा कंपनी के स्थानीय अधिकारी भी निकाल रहे हैं।

चालूछोड़ते थे बिल जनरेट करने वाला कम्प्यूटर

कंपनीके अधिकारियों की मानें तो बिल डाटा जनरेट करने वाले कम्प्यूटर को जानबूझकर चालू छोड़ दिया जाता था। इसी का फायदा बिलों में गड़बड़ी करने वालों ने उठाया है। मुख्य कम्प्यूटर को नेटवर्किंग से कनेक्टकर गड़बड़ी करने वालों ने विभाग के दूसरे कंप्यूटरों पर बैठकर बिलों में गड़बड़ी की है।

होशंगाबाद| आईटीआईनिवासी एक उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता फोरम में बिजली कंपनी के खिलाफ गलत बिल देने और जबरन कनेक्शन काटने का केस दायर किया था। फोरम ने बिजली कंपनी के खिलाफ 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। वहीं उपभोक्ता को दिए गए 69269 रुपए के बिल को भी माफ करने का निर्णय दिया है। उपभोक्ता को हुई मानसिक प्रताड़ना के लिए 3 हजार रुपए वाद व्यय के 2 हजार रुपए एक माह के अंदर अदा करने का आदेश दिए है। संयुक्त संचालक कृषि कार्यालय में भृत्य के पद पर कार्यरत खेमचंद खरबार ने फोरम में प्रकरण दाखिल किया था। उन्हें नवंबर 2013 में बिजली कंपनी ने 69269 रुपए का बिल दे दिया था। गलत बिल आने पर उन्होंने कई बार कंपनी में शिकायत की। अधिकारियों के सैकड़ों चक्कर काटे, लेकिन कंपनी ने गलत बिल सुधार नहीं किया, बल्कि उनका कनेक्शन काट दिया। अधिकारी-कर्मचारी उपभोक्ता पर बिल जमा करने के लिए दबाव डालते रहे। उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता फोरम में सभी साक्ष्य प्रस्तुत कर केस दायर कर दिया। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष आ