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छात्राओं को बताए जल प्रदूषण नियंत्रण के तरीके

7 वर्ष पहले
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जल प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए होमसाइंस कॉलेज की छात्राओं ने पहले ईको फ्रेंडली मूर्तियां बनाना सीखा। शनिवार छात्राओं को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भोपाल के वैज्ञानिक डॉ. तस्लीम सूफी और उच्च शिक्षा विभाग भोपाल के संयुक्त संचालक डॉ. केएम जैन ने जल प्रदूषण पर नियंत्रण के तरीके भी बताए। होम साइंस कॉलेज में यह कार्यशाला मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद भोपाल की मदद से आयोजित की गई थी। इसके पहले कॉलेज में जल प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पोस्टर प्रतियोगिता, प्रश्नमंच, बैनर प्रतियोगिता रैली का भी आयोजन किया गया। इसके लिए छात्राओं को ईको फ्रेंडली मूर्ति बनाने के लिए नर्मदा समग्र के संभाग समन्वयक जबलपुर के लालाराम चक्रवर्ती स्थानीय कार्यकर्ता आरती शर्मा, विवेक भट्ट ने प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में मप्र जल अभियान के जिला समन्वयक कौशलेश तिवारी भी मौजूद थे।

वैज्ञानिक डॉ. तस्लीम सूफी ने छात्राओं को ईको फ्रेंडली मूर्तियों के फायदे बताए। उन्होंने बताया कि ऐसी मूर्तियों को पानी में विसर्जित करने के बाद भी जल प्रदूषित नहीं होता, क्योंकि मूर्तियों की सजावट अनाज से होती है, जिसका उपयोग मछलियां कर लेती है, मिट्टी पानी में बह जाती है और पानी शुद्ध बना रहता है। इसलिए जल प्रदूषण को लेकर हमें अपने आसपास तेजी से जागरूकता लाने की जरूरत है। डॉ. केएम जैन ने कहा कि युवा पीढ़ी ही तेजी से बदलाव ला सकती है। कार्यशाला में प्राचार्य डॉ. कामिनी जैन, छात्राएं कॉलेज स्टॉफ मौजूद था।