नगर संवाददाता. होशंगाबाद
नगर संवाददाता. होशंगाबाद
मेगा लोक अदालत में शनिवार को परिवार परामर्श केंद्र में पति-प|ी के बीच सुलह का एक मामला आया। पति-प|ी ढाई साल से अलग रह रहे थे। यहां दोनों में सुलह हो गई और वे साथ रहने को तैयार भी हो गए, लेकिन मोबाइल ने उन्हें फिर दूर कर दिया। प|ी कह रही थी कि मोबाइल साथ रखूंगी और पति की जिद थी कि मोबाइल नहीं रखने दूंगा।
मामला पचमढ़ी की दंपत्ति का था। प|ी का मायका होशंगाबाद में है। दोनों के बीच ढाई साल से अनबन चल रही थी। लोक अदालत में दोनों ने एक-दूसरे की बातें मानते हुए साथ रहने के लिए सहमति जता दी, लेकिन मोबाइल रखने की बात पर दोनों अटक गए। प|ी चाहती थी कि मोबाइल पास रहे, लेकिन पति नहीं चाहता था कि प|ी के पास मोबाइल रहे। इसी से बात बिगड़ गई। परामर्श केंद्र के काउंसलर ने पति से यहां तक कहा कि नई सिम लेकर मोबाइल चालू रहने दिया जाए, पर पति नहीं माना। सुलह नहीं होने की स्थिति में मामला आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया।