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जिला सह. बैंक सीईओ आरके दुबे गिरफ्तार

6 वर्ष पहले
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सहकारी बैंक में पौने तीन करोड़ के गबन का मामला

जिलासहकारी केंद्रीय बैंक होशंगाबाद के सीईओ आरके दुबे को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने दुबे को एक दिन की रिमांड पर लिया है। बैंक की हरदा ब्रांच में 2 करोड़ 77 लाख के गबन के मामले में दुबे कानून के घेरे में आए हैं। यह वही सीईओ हंै जो गबन का मामला उजागर होने पर बैंक प्रबंधक और कैशियर की एफआईआर दर्ज करवाने फरियादी बनकर थाने पहुंचे थे। यानी फरियादी सीईओ ही अब आरोपी बन गया है। इन पर आपराधिक साजिश रचने का आरोप है। इसी अपराध में बैंक के नोडल अधिकारी एमके अहलाद की गिरफ्तारी भी हो गई है। मंगलवार की शाम पुलिस ने बैंक के दोनों अधिकारियों को हरदा जिला कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर पूछताछ के लिए पुलिस ने इन्हें बुधवार तक रिमांड पर ले लिया है। इधर, गबन और धोखाधड़ी के आरोपी बैंक प्रबंधक सुदर्शन जोशी और सहायक लेखापाल हेमंत व्यास को कोर्ट से 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस के हत्थे चढ़े चारों अधिकारी बैंक से निलंबित हो चुके हैं।

सहकारी बैंक से गबन किए गए लगभग पौने तीन करोड़ रुपए दो फरवरी को नाटकीय ढंग से हरदा थाने में सरेंडर करने के बाद बैंक प्रबंधक सुदर्शन जोशी काे पुलिस तीन बार रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है। इसी दौरान एक के बाद एक बैंक के तीन अधिकारी गबन मामले में फंसते नजर आए। इनमें बैंक के सीईओ आरके दुबे को पुलिस रात में हरदा थाने ले आई थी, लेकिन इसकी भनक किसी को नहीं लगने दी। पुलिस के अनुसार, सीईओ को भोपाल के कोलार से लाया गया। रात-भर दुबे को थाने में टीआई कक्ष में रखा गया। थाने में सोमवार को दिनभर बैठे रहे नोडल अधिकारी एमके अहलाद को पुलिस ने नहीं छोड़ा। सीईओ दुबे और नोडल अधिकारी अहलाद पर मंगलवार को बैंक गबन में आपराधिक साजिश रचने की धारा 120 बी लगाकर जिला कोर्ट में पेश किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एसके शाक्य की अदालत में आरोपी पेश हुए।

कैशियर गिरफ्त से बाहर

विगत22 जनवरी को थाने के नजदीक सहकारी बैंक शाखा में अपर कलेक्टर जांच करने पहुंचे थे। लॉकर्स में केस की जांच के लिए बुलाने पर भी बैंक प्रबंधक जोशी और कैशियर भावना काले नहीं आए। तब बैंक सीईओ से डुप्लीकेट चाबी लेकर लॉकर्स खोला गया तो उसमें पौने तीन करोड़ रुपए कम पाए गए। उसी दिन से कैशियर काले पुलिस को चकमा दे रही है।

दो फरवरी को चार बोरों में पौने तीन करोड़ रुपए भरकर जोशी थाने में सरेंडर करने गया था। पुलिस को यह नोट गिनवाने में छह घंटे लग गए। नोट गिनते समय 15 नोट नकली निकले। इनमें 1000 का एक और 500 के 14 नोट थे। इन नोटों को सील कर जांच के लिए आरबीआई भेजा गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार नकली नोट के मामले में बैंक अधिकारियों पर अपराध अलग से दर्ज किया जाएगा।

नकली नोट का भी बनेगा केस

आरके दुबे ने खुद की पैरवी

वकीलोंकी हड़ताल होने से दुबे ने मजिस्ट्रेट के समक्ष खुद पैरवी की। हालांकि पैरवी के कथन वे वकील से तैयार करवाकर लाए थे। पुलिस ने कोर्ट में अर्जी लगाई कि मामले के पूरे खुलासे के लिए बैंक सीईओ दुबे और नोडल अधिकारी अहलाद से पूछताछ करनी है। इस पर कोर्ट ने एक दिन पुलिस रिमांड दे दी।

जोशीव्यास ज्यूडिशियल रिमांड पर

बैंकप्रबंधक सुदर्शन जोशी को पुलिस बार-बार बयान बदलने के कारण तीन बार रिमांड पर ले चुकी है। जोशी के बयान के बाद बैंक के सहायक लेखापाल व्यास की गिरफ्तारी पुलिस ने पूछताछ के बहाने बुलाकर कर ली। इन दोनों को भी कोर्ट में पेश किया गया जहां से 15 दिन की ज्यूडिशियल रिमांड के आदेश हो गए।

हरदा. जिला सहकारी बैंक के सीईओ आरके दुबे को पुलिस ने हरदा कोर्ट में पेश किया।