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- सर, हम विस्थापन को तैयार हैं, फिर भी वन विभाग नहीं खोल रहा रास्ता
सर, हम विस्थापन को तैयार हैं, फिर भी वन विभाग नहीं खोल रहा रास्ता
सतपुड़ाटाइगर रिजर्व के सोनपुर गांव के 50 से अधिक वनवासियों ने मंगलवार को कलेक्टर से रिजर्व फारेस्ट के अधिकारियों द्वारा परेशान करने की शिकायत की। वनवासियों ने कलेक्टर को बताया कि पिछले एक साल से अधिकारियों ने सोहागपुर जाने वाले सीधे और नजदीकी रास्ते को बंद करके रखा है। इस कारण हम लोगों को सोहागपुर जाने के लिए 25 किमी जंगल के रास्ते पैदल चलकर पहले मटकुली जाना पड़ता है। वहां से 45 किमी की दूरी वाहन से तय करके सोहागपुर आना पड़ रहा है। वनवासियों ने बताया कि रिजर्व के अधिकारी चाहते हैं कि हम उनकी शर्तों पर गांव से विस्थापित हो जाएं। वह विकल्प-1 के तहत विस्थापन की बात करते हैं, जिसमें पैसे लेकर गांव छोड़ने का प्रावधान है। हम लोग गांव छोड़ने को तैयार हैं, लेकिन विकल्प- 2 की प्रक्रिया के तहत विस्थापन चाहते हैं। इसमें भूमि दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन रिजर्व के अधिकारी हमें परेशान कर रहे हैं। आदिवासियों का नेतृत्व कर रहे राजकुमार रघुवंशी ने बताया कि रिजर्व फारेस्ट द्वारा परेशान किए जाने के बाद आदिवासियों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। कोर्ट ने 13 जनवरी 2015 को आदेश दिया था कि विकल्प-2 के तहत ही विस्थापन हो। वहीं, विस्थापन को लेकर गांव के लोगों से जोर जबरदस्ती की जाए। कोर्ट का आदेश वन अधिकारियों के पास भी है, लेकिन वह आदिवासियों को अब भी परेशान कर रहे हैं। आदिवासियों ने सोहागपुर जाने वाला नजदीकी रास्ता खोलने और विस्थापन नियमानुसार करने की मांग की है। इस मामले में कलेक्टर संकेत भोंडवे ने समस्या के समाधान के लिए गांव जाने और मौके के मुआयने की बात कही है।
सोहागपुर क्षेत्र से आए आदिवासियों ने कलेक्टर से मुलाकात कर बताई समास्या।