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पति-पत्नी में सुलह, मोबाइल ने फिर दूर कर दिया
इटारसी: राजस्वप्रकरण ज्यादा
मेगालोक अदालत में सबसे ज्यादा राजस्व और दांडिक मामलों के प्रकरण निबटे। एसडीएम कोर्ट से 3034 और तहसीलदार कोर्ट से 792 मामलों को निबटारा हुआ। सबसे ज्यादा नगर पालिका ने 19. 50 लाख की रिकवरी प्राप्त की। बिजली कंपनी ने 8 लाख 7 हजार रुपए वसूले।
किए। इसके अलावा चैक बाउंस के मामलों में 8 लाख के मामलों का निबटारा हुआ। दूरसंचार के 278 मामलों में 2 लाख 75 हजार 395 रुपए की रिकवरी हुई।
सिवनीमालवा: पौधेदिए
न्यायालयपरिसर में आयोजित मेगा लोक अदालत में विभिन्न विभागों के हजारों प्रकरण निबटे। समझौते के बाद पक्षकारों को उपहार में पौधे दिए गए।
सोहागपुर: बिजलीकंपनी को मिले 10 लाख
एडीजेएचएम अंसारी की खंडपीठ में दो मोटर दावा दुर्घटना प्रकरण निबटे, जिनमें 8.60 लाख की समझौता राशि दी गई। न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में 60 मामले निबटे। इसी के साथ एसबीआई के 11 प्रकरणों में 62400 की वसूली हुई। बिजली कंपनी के डीई अवधेश त्रिपाठी ने बताया कि 112 प्रकरणों में करीब 10 लाख रुपए जमा हुए।
नगर संवाददाता. होशंगाबाद
मेगा लोक अदालत में शनिवार को परिवार परामर्श केंद्र में पति-प|ी के बीच सुलह का एक मामला आया। पति-प|ी ढाई साल से अलग रह रहे थे। यहां दोनों में सुलह हो गई और वे साथ रहने को तैयार भी हो गए, लेकिन मोबाइल ने उन्हें फिर दूर कर दिया। प|ी कह रही थी कि मोबाइल साथ रखूंगी और पति की जिद थी कि मोबाइल नहीं रखने दूंगा।
मामला पचमढ़ी की दंपत्ति का था। प|ी का मायका होशंगाबाद में है। दोनों के बीच ढाई साल से अनबन चल रही थी। लोक अदालत में दोनों ने एक-दूसरे की बातें मानते हुए साथ रहने के लिए सहमति जता दी, लेकिन मोबाइल रखने की बात पर दोनों अटक गए। प|ी चाहती थी कि मोबाइल पास रहे, लेकिन पति नहीं चाहता था कि प|ी के पास मोबाइल रहे। इसी से बात बिगड़ गई। परामर्श केंद्र के काउंसलर ने पति से यहां तक कहा कि नई सिम लेकर मोबाइल चालू रहने दिया जाए, पर पति नहीं माना। सुलह नहीं होने की स्थिति में मामला आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया।
इस दौरान काउंसलर वकील विजयाकदम, अंजू नारोलिया, भावना बिष्ट, अनिता जाट आदि ने परामर्श दिया।
बेटियों की खातिर सब कुछ मंजूर
लोक अदालत में एक ऐसा मामला भी निबटा, जिसमें प|ी अपने पति से करीब तीन साल से अलग रह रही थी। दरअसल