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मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति, दो साल में हो जाएगा तैयार
कॉलेज को खोले जाने को लेकर नर्मदा ग्रुप अपने को पूरी तरह से तैयार बता रहा है। मेडिकल कॉलेज को लेकर नर्मदा सोसायटी दो साल में ही डाइग्नोसिस , नेत्र, मेडिसिन, ऑर्थोपेडिक, डेंटल, सर्जरी, गायनी, पीडियाट्रिक, रेडियोथैरेपी और पीडियाट्रिक सर्जरी की शुरुआत कराने में पूरी तरह से सक्षम है।
सुखतवा बेल्ट में जमीन की मांग करेंगे, सभी सुविधाएं दी जाएगी
^नर्मदामेडिकल कॉलेज कि स्वीकृति मिली है, हम इस प्रोजेक्ट पर लंबे समय से काम कर रहे थे। शासन से 10 एकड़ भूमि मांगी है। अभी तक होशंगाबाद-इटारसी रोड़ दी जाने की चर्चा हुई थी, लेकिन हम सुखतवा बेल्ट में जमीन की मांग करेंगे। किसी शासकीय मेडिकल कॉलेज की तरह ही सभी सुविधाएं दी जाएंगी।^ -डॉ. राजेश शर्मा, डायरेक्टरनर्मदा अस्पताल, होशंगाबाद
प्रोजेक्ट पर प्राइवेट कॉलेज प्रबंधन ही काम करेगा
^स्वास्थ्यसंचालनालय ने होशंगाबाद का नाम मेडिकल कॉलेज के लिए पहली ही सूची में जारी कर दी है। अब इस प्रोजेक्ट पर काम प्राइवेट मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ही करेगा।^ -डॉ.एएल मरावी, सीएमएचओहोशंगाबाद
नर्मदा मेडिकल कॉलेज के लिए शासन करीब 1 रुपए एकड़ के हिसाब से 10 एकड़ भूमि करीब 35 साल के लिए उपलब्ध कराती है। लेकिन इस पर अस्पताल 700 बिस्तरों का अस्पताल तैयार करने के लिए 150 से 200 करोड़ का खर्च आएगा। इसके लिए नर्मदा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बैंक से 150 से 200 करोड़ का लोन उठाएगी, जिसमें 100 सीट वाला मेडिकल कॉलेज तैयार होगा। वहीं मेडिकल कॉलेज में ही नर्सिंग कॉलेज और पैरामेडिकल कोर्स भी चल सकेंगे।
सभी डिपार्टमेंट और स्पेशल टीम तैयार
तीन हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
मेडिकलकॉलेज खुलने के बाद आसपास के करीब 3 हजार से भी अधिक लोगों को रोजगार मिल सकेगा। इतना ही नहीं शहर के आसपास भी रोजगार के अवसर बढ़ेगें। इस मेडिकल कॉलेज में शासन दर पर ही मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। जैसा की किसी शासकीय मेडिकल कॉलेज में मिलता है। मेडिकल कॉलेज शुरु होने के बाद जिले के लोगों को गंभीर बीमारी की जांच और उपचार यहां पर ही मिल सकेगा।
150 करोड़ का प्रोजेक्ट
नगर संवाददाता|होशंगाबाद
होशंगाबादको जल्द ही मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलने वाली है, होशंगाबाद-इटारसी मार्ग पर जल्द ही प्राइवेट नर्मदा मेडिकल कॉलेज की शुरुआत होगी। इसे लेकर स्वास्थ्य शिक्षा संचालनालय ने इसकी स्वीकृति के लिए