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किस्सा कुर्सी का- बैठते ही प्रभारी डीईओ निलंबित, अब कोई छूने को भी तैयार नहीं

7 वर्ष पहले
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परीक्षा शाखा के कक्ष में खाली पड़ी कुर्सी।

नगर संवाददाता| होशंगाबाद

जिलाशिक्षा विभाग में पिछले एक माह से एक कुर्सी कार्यालय में आने-जाने वालों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है। परीक्षा शाखा के एक कोने में रखी 5200 रुपए की इस नई कुर्सी पर बैठने के लिए कोई भी अधिकारी-कर्मचारी तैयार नहीं है। इतना ही नहीं अंधविश्वास के कारण विभाग के कर्मचारी कुर्सी को छूने से भी कतराते हैं। नई कुर्सी पूर्व प्रभारी डीईओ तात्कालिक सहायक संचालक एलआर चौरे के बैठने के लिए मंगाई गई थी। लेकिन नई कुर्सी पर बैठने के बाद श्री चौरे निलंबित हो गए। राज्य शासन ने 7 नवंबर को पूर्व प्रभारी डीईओ श्री चौरे को शिक्षकों की पदोन्नति समय-सीमा में नहीं करने के मामले में निलंबित किया था। इसके बाद कुर्सी को श्री चौरे की टेबल से शिफ्ट करके विभाग के दूसरे अधिकारी-कर्मचारी को देने की प्लानिंग हुई। लेकिन किसी ने भी नई कुर्सी लेने से मना कर दिया। विभाग के कर्मचारियों ने खराब कुर्सियों पर बैठकर काम करने को तैयार है। विभाग में यहां-वहां रखने रहने के बाद कुर्सी को परीक्षा शाखा में रख दिया गया।

नईकुर्सी लाने की प्लानिंग

शिक्षाविभाग में परीक्षा शाखा के दीपक चंद्रोल कहते हैं कि अधिकारियों वाली कुर्सी है, इस कारण कोई नहीं बैठता। विभाग के मनोज पुरोहित कहते हैं कि कुर्सी का सम्मान करते हैं, लेकिन थोड़ा अंधविश्वास है कुछ लोगों में। हालांकि विभाग के लोग कुर्सी को वापस करके नई कुर्सी लाने की प्लानिंग कर चुके हैं। मामले में डीइओ अरविंद चौरगड़े का कहना है कि शायद किसी को नई कुर्सी की जरूरत हो। यदि विभाग के लोग कुर्सी के बारे में किसी प्रकार का अंधविश्वास रखते हैं तो मैं ही उस कुर्सी पर बैठकर यह धारणा गलत साबित कर दूंगा।