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जिला अस्पताल में नहीं बना ममता कॉर्नर

7 वर्ष पहले
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{ जिला अस्पताल में कर्मचारियों को नहीं मालूम क्या होता है, ममता कॉर्नर

नगरसंवाददाता.होशंगाबाद

प्रदेशसरकार की महत्वपूर्ण योजना ममता अभियान के तय मापदंडों पर जिला अस्पताल में अमल नहीं हो रहा है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव के निर्देशों के बाद भी जिला अस्पताल में ममता कॉर्नर नहीं बनाया गया है। यहां तक कि ममता कॉर्नर के बारे में अस्पताल के नर्सिंग स्टॉफ और पैरामेडिकल स्टॉफ और डॉक्टर्स में से किसी को भी जानकारी नहीं है। आरएमओ डॉ.जेपीएन चतुर्वेदी पूछते हैं ममता कॉर्नर क्या होता है। ऐसे ही हाल मेटरनिटी स्टॉफ और डॉक्टर्स के भी थे। मलेरिया ओपीडी के पास बैठे अमित डेहरिया ने बताया कि अक्सर ममता अभियान, रथ और कॉर्नर के विषय में अखबारों में पढ़ा है, लेकिन जिला अस्पताल में ऐसा कुछ नहीं हैं। हेल्प डेस्क में काम करने वाले जवाहर व्यास ने पूछने पर बताया कि अस्पताल में ममता कॉर्नर नहीं है। फिलहाल डीटीसी में कॉर्नर बनाया गया है, लेकिन अस्पताल में ऐसा कोई कॉर्नर नहीं है। इधर, सीएमएचओ डॉ.एएल मरावी का कहना है कि सिविल सर्जन डॉ.डीपी सिंह को ममता कॉर्नर के लिए एक दिन की पूरी ट्रेनिंग दे दी गई है। यदि वो शासन के निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो जिस दिन पीएस आएंगे कार्रवाई हो जाएगी।

ममता कॉर्नर बनाने तीन बार कह चुके

ममताअभियान के को-ऑर्डिनेटर डीटीसी के प्रभारी आई तिग्गा ने बताया कि दो बार सीएस को ममता कॉर्नर लगाने के लिए कहा जा चुका है। ई-मेल और फिर हॉर्ड कॉपी के जरिए उनसे कहा गया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इस बारे में सीएमएचओ को जानकारी दे दी गई है। अब आगे के निर्देश उन्हीं को देना है।

ऐसाहोना चाहिए ममता कार्नर

ममताकॉर्नर में ओआरएस, जिंक टेबलेट, आईएफए गोलियां, लार्ज लाल गोली, फोलिक एसिड, गर्भ निरोधक, कन्डाेम, इमरजेंसी कांट्रासेप्टिव पिल, मल्टी विटामिन गोली, एल्बेन्डाजॉल और एल्बेन्डाजॉल सिरप में होना चाहिए। कॉर्नर में सभी उपलब्ध दवाओं की सूची, मात्रा, उपयोग, डोज और आम सावधानियाें संबंधित सूचना बड़े अक्षरों में होना चाहिए।

टोलनाके पर मांगते हैं टैक्स

डोलरियाके ममता रथ को हर रोज टोल नाके पर रोक लिया जाता है। इसकी शिकायत कई बार ममता रथ का संचालन करने वालों ने बीएमओ से की। इसके बाद भी इसका कोई असर टोल नाका संचलकों पर नहीं हुआ। बीएमओ डॉ.आरके चौधरी ने बताया कि