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बैंक भूल गई प्रीमियम काटना, किसानों को नहीं मिल रहा लाभ
^अभी तक 8 करोड़ रुपए बीमा राशि बांटी जा चुकी है। करीब 30 से 40 किसान ऐसे है जिन्हें राशि नहीं मिली है। उनके लिए बैंक में अलग काउंटर खोले गए है, किसान अपनी-अपनी समस्याएं लिखकर आवेदन दे सकते है। टेक्नीकल प्राब्लम के चलते खाते में राशि जमा नहीं हुई होगी। अनिल दीवान को राशि क्यों नहीं मिली, इसकी जांच की जाएगी।^ किशोरलाहोरी, एसबीआईबैंक मैनेजर, बाबई
राशि क्यों नहीं मिली जांच करेंगे
नगर संवाददाता| होशंगाबाद
फसलबीमा की राशि किसानों को नहीं मिल रही है। जिसकी वजह किसानों के कर्जे से फसल प्रीमियम की राशि नहीं काटना बताया जा रहा है। अभी तक बाबई और इटारसी के ऐसे दो मामले सामने चुके है। जिनमें तीन सौ से अधिक किसान प्रभावित है। किसान अब बैंकों के पास पहुंच रहे हैं।
पहलामामला| बाबईतहसील के मारागांव का है। किसान अनिल दीवान ने बताया कि उसके नाम से 12 एकड़ जमीन है जिसमें वह खरीफ और रबी दोनों फसलें लेता है। लेकिन साल 2013 में खरीफ फसल बर्बाद हो गई थी आसपास के किसानों को 6 और 8 हजार रुपए के हिसाब से मुआवजा राशि दी गई। जबकि उसे 12 एकड़ जमीन के केवल 852 रुपए दिए गए। किसान का कहना है कि अधिकारियों से शिकायत के बावजूद उसकी सुनवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं हाल ही में बांटे जा रहे फसल बीमा के लाभ से भी किसान को वंचित रखा गया है। किसान का कहना है कि उसका भारतीय स्टेट बैंक कृषि विकास शाखा बाबई में 2004 से केसीसी खाता है वह नियमित ऋण ले रहा है। कभी डिफाल्टर भी नहीं रहा। उसके अन्य खाते भी पिछले 32 साल से इसी शाखा में है। इसके बावजूद बैंक ने 2013 की फसल प्रीमियम राशि नहीं काटी। जिसके कारण उसे फसल बीमा के लाभ नहीं मिल रहा है। जबकि आसपास के किसानों को एक से डेढ़ लाख रुपए तक बीमा राशि मिल रही है।
दूसरामामला| इटारसीकी इलाहाबाद बैंक शाखा का है। केसीसी खाताधारक किसान जयप्रकाश पटेल पांजराकला, शंभुदयाल पटेल तारारोड़ा, रामचरण चौरे अनूप मलैया रैसलपुर ने बताया कि बैंक ने 2012 के खरीफ सीजन तक प्रीमियम राशि काटी। लेकिन 2013 में खरीफ फसल की प्रीमियम नहीं काटी गई। जिससे उन्हें फसल बीमा का लाभ नहीं मिल रहा है। किसान जयप्रकाश पटेल ने बताया कि इसी बैंक की उप शाखा रैसलपुर ने प्रीमियम काटी थी जिससे किसानों को बीमा का लाभ मिल रहा है। हालांकि इस संबंध में बैंक के किसी भी अधिकारी से बात नहीं हो पाई है। पीड़ित