पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • वैज्ञानिक हड़ताल पर, रवाना हुए सिर्फ कृषि रथ

वैज्ञानिक हड़ताल पर, रवाना हुए सिर्फ कृषि रथ

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अंदर पढ़े| पहले जितना गेहूं प्रदेश में होता था अब जिले में

होशंगाबाद जिले में 7 और बैतूल में 10 ब्लाक है। इनमें से हर ब्लाक में एक कृषि रथ रवाना हुआ है। चूंकि एक रथ में एक वैज्ञानिक अनिवार्य है, इस हिसाब से 17 कृषि रथों के लिए 17 कृषि वैज्ञानिकों की जरूरत थी। जबकि दोनों ही जिलों में मिलाकर कृषि विभाग के कृषि वैज्ञानिकों की संख्या चार है। इसलिए जोनल कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों की ड्यूटी रथ के साथ लगाई गई थी। लेकिन सभी वैज्ञानिक हड़ताल पर हैं। हालांकि दोनों ही जिले के कृषि वैज्ञानिक कृषि रथ में सेवाएं दे रहे हैं।

इसलिए ली जोनल विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों की मदद

एक दिन में तीन पंचायत घूमेगा कृषि रथ

25सितंबर से शुरु हुआ कृषि महोत्सव 20 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान गांव-गांव तक किसानों को किसान क्रांति रथ के माध्यम से कृषि को लाभ का धंधा बनाने आधुनिक तकनीकी से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। एक दिन में एक रथ तीन पंचायतों को कवर करेगा। यह रथ जहां जाएगा वहां अन्य विभागों के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहेंगे। किसान रथ के माध्यम से किसानों के सवालों का संतोषजनक जवाब दिया जाना था, लेकिन वैज्ञानिकों की गैरमौजूदगी से इस पर असर पड़ सकता है।

होशंगाबाद मंे गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में किसान क्रांति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

हरिचरण यादव| होशंगाबाद

होशंगाबादऔर बैतूल के विकासखंडों में कई कृषि रथ बिना वैज्ञानिकों के रवाना करने पड़े हैं। यह स्थिति जोनल कृषि अनुसंधान केंद्र पवारखेड़ा में चल रही हड़ताल के कारण बनी है। जिसके चलते होशंगाबाद जिले के कुछ कृषि रथों में रिटायर्ड कृषि अधिकारी और रिटायर्ड वैज्ञानिकों की ड्यूटी लगाई गई है। जबकि बैतूल के कुछ कृषि रथों के लिए छिंदवाड़ा से वैज्ञानिक बुलाए गए हैं। दोनों ही जिलों में बाकी के रथों में कृषि वैज्ञानिक साथ चल रहे हैं। जोनल कृषि अनुसंधान केंद्र के टेक्निकल असिस्टेंट ने बताया कि केंद्र में कुल 14 वैज्ञानिक हैं, जिनकी ड्यूटी बैतूल और होशंगाबाद जिलों के कृषि रथों के साथ लगाई गई थी। लेकिन पिछले 5 महीनों से वेतन मिल पाने के कारण जोनल कृषि अनुसंधान केंद्र के सभी अधिकारी-कर्मचारी 19 सितंबर से हड़ताल पर हैं। इन कर्मचारियों में केंद्र के वैज्ञानिक भी शामिल हैं। वैज्ञानिकों के हड़ताल पर होने की सूचना जिला प्रशासन के साथ-साथ