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250 स्कूली बच्चों को बताए बुजुर्गों के अधिकार
{मात्र 41 बुजुर्ग ही आए तो आनन-फानन में की व्यवस्था
नगरसंवाददाता|होशंगाबाद
अंतरराष्ट्रीयमानव अधिकार दिवस पर वृद्धजनों के अधिकार को लेकर आयोजित की गई संगोष्ठी कार्यक्रम में वृद्धों के नाम पर महज 41 लोग ही मौजूद थे, वहीं हॉल को भरने के लिए 250 स्कूली बच्चों को बुजुर्गों के अधिकार बताए गए। संगोष्ठी में करीब 2 घंटे तक स्कूल प्रबंधन ने बैठाया रखा। कार्यक्रम में मौजूद 41 बुजुर्गों में से 10 बुजुर्ग स्टेज में बतौर अतिथि बैठे हुए थे। वृद्जनों के अधिकारों पर स्कूल प्रबंधन ने संगोष्ठी तो पूरी करा ली, लेकिन स्कूल के 250 बच्चों को परीक्षा के बाद 2 घंटे तक स्कूल प्रबंधन ने जबरन बैठाकर रखा। इस कार्यक्रम के बाद कार्यक्रम में आए प्रमुख लोगों को चाय-नाश्ता तो कराया गया, लेकिन हाॅल में बैठाए गए बच्चों बिना कुछ खिलाए ही रवाना भी कर दिया। बच्चों ने नाम बताने की शर्त पर बताया है कि स्कूल में परीक्षा के तुरंत बाद ही उन्हें हॉल में बैठा लिया गया। इसके बाद सभी लोगों को करीब 4.30 बजे हॉल से निकलने की अनुमति मिल सकी। कार्यक्रम के दौरान स्कूल के छात्रों को खाने के लिए कुछ भी नहीं दिया गया। अब इस तरह से मामले के सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन कार्यक्रम से पल्लाझाड़ रहा है। शासकीय एसएनजी उच्चतम माध्य विद्यालय के प्राचार्य का कहना है कि कार्यक्रम उनका नहीं था, बस स्कूल का हॉल कार्यक्रम को आयोजन के लिए दिया गया था। इधर आयोग मित्र डॉ.एलएल शर्मा का कहना है कि कार्यक्रम में पूरे जिले के वृद्धजनों को कार्यक्रम की सूचना दी गई थी, वे कार्यक्रम में नहीं सके। वहीं इस तरह के जनजागरण के कार्यक्रम में अतिथियों के लिए ही नाश्ते की व्यवस्था की जाती है।
वृद्वजनोंकी संगोष्ठी में पहुंचे एसपी ने दी अधिकारों की जानकारी
एसएनजीस्कूल में वृद्वजनों की संगोष्ठी में पहुंचे एसपी एपी सिंह ने वृद्धजनों के अधिकार से जुड़ी कई जानकारियां दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने भरण पोषण अधिनियम 2007 बनाया है। उन्होंने इस अधिनियम के प्रावधानों का प्रचार प्रसार करे वृद्वजनों का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि पुलिस वृद्वजनों को उनके अधिकार दिलाने के लिए हमेशा तैयार है। कार्यक्रम के दौराान आयोग मित्र डा. एल एल शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एस एस ठाकुर,डा. श्रुति मालवीय,उप संचालक सामाजिक न्याय श्रीमती सुचिता तिर्की सहित विभिन्न आयोग