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स्कूलों में पार्टटाइम शिक्षक खिलाएंगे खेल

6 वर्ष पहले
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मिडिलस्कूलों में जल्द ही पार्टटाइम शिक्षक खेल, संगीत-चित्रकला और कम्प्यूटर जैसे विषय पढ़ाते हुए मिलेंगे। इन शिक्षकों को अंशकालीन अनुदेशक कहा जाएगा। इससे जिले के बेरोजगारों को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। जिले में ऐसे 650 लोगों को पार्टटाइम शिक्षक बनने का मौका मिलेगा। पार्टटाइम शिक्षकों को छह या आठ माह के लिए एक निर्धारित वेतनमान पर स्कूलों में रखा जाएगा। जो 100 बच्चों के नामांकन वाले स्कूलों में पहुंचकर एक-एक दिन बच्चों को अपनी कला सिखाएंगे। हर आठ से दस स्कूलों के लिए तीन अनुदेशक बारी-बारी से हफ्ते में एक दिन संगीत, खेल कला की जानकारी बच्चों को देंगे। अनुदेशकों की भर्ती करने के लिए शासन स्कूल शिक्षा विभाग ने मिडिल स्कूलों की जानकारी वहां मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी जिला शिक्षा केंद्र से मांगी है। मंगलवार को अंशकालीन अनुदेशकों की व्यवस्था बनाने के संबंध में प्राचार्यों को जानकारी दी गई है। पार्टटाइम शिक्षक की व्यवस्था का सबसे ज्यादा लाभ विद्यार्थियों मिलेगा। इन विषयों का सिलेबस भी विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा।

खेलों के लिए मिल सकेंगे अच्छे खिलाड़ी

माध्यमिकस्तर के स्कूलों में खेल गतिविधियों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता है, क्योंकि इस स्तर के स्कूलों में व्यायाम शिक्षक नहीं होते। अब अंशकालीन अनुदेशक के रूप में व्यायाम शिक्षक होने से विद्यार्थी खेल गतिविधियों से जुड़ सकेंगे। जिससे शालेय खेल प्रतियोगिता के लिए अच्छे खिलाड़ी मिल सकेंगे। इतना नहीं स्कूलों को खेल गतिविधि संचालित करने के लिए खेल सामग्री भी मिलेगी। इधर, कम्प्यूटर, संगीत के इंस्टूमेंट भी स्कूलों में खरीदे जाएंगे।

स्कूलों की सूची बना रहे हैं, अगले सत्र से बनेगी व्यवस्था

^शिक्षाके अधिकार अधिनियम के तहत अंशकालीन अनुदेशकों की व्यवस्था मिडिल स्कूलों में होनी है। इसके लिए 100 नामांकन वाली शालाओं की सूची बनाई जा रही है। वहीं किस स्थान पर अनुदेशक रखे जाने हैं और वह क्या काम करेंगे, इसकी तैयारी की जा रही है। संभवत: अगले सत्र से यह व्यवस्था लागू होगी।^ एसएसपटेल, जिला परियोजना अधिकारी, होशंगाबाद

बड़े स्कूलों के विद्यार्थियों को लाभ ज्यादा

पार्टटाइमशिक्षकों की नियुक्ति 100 से अधिक नामांकन वाले मिडिल स्कूलों में होगी। यह शिक्षक 8 किमी के दायरे वाले स्कूलों में पढ़ाने जाएंगे। बड़े स्कूलों में यह अनुदेशक ज्यादा समय देंगे। इससे यहां के विद्यार्थियों को लाभ ज्यादा होगा। सिलेबस के आधार पर विषय पढ़ाया जाएगा और परीक्षा भी ली जाएगी। जिले में 532 से ज्यादा मिडिल स्कूल हैं। इसमें 225 से ज्यादा स्कूलों में 100 से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। यहां तीन शिक्षकों के हिसाब से 675 से ज्यादा अनुदेशकों की नियुक्ति होगी।

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