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एमजीएम कॉलेज प्रदेश को पढ़ाएगा कार्य-संस्कृति
पशुके होत पन्हैया, नर को कछु होय, जो नर कछु सदकर्म करे तो नर नारायण होय.. जन्मता है एक व्यक्ति, बनाता है व्यक्तित्व, संस्कृति पर चलकर…भागवत और साहित्यिक ग्रंथों में लिखी कार्यसंस्कृति और व्यक्तित्व विकास की ये प्रभावी बातें आवाज के जादूगर की उपाधि प्राप्त हिंदी ग्रंथ अकादमी के संचालक डॉ.सुरेंद्र बिहारी गोस्वामी ने देशभर से आए शोधार्थियों को बताई। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ.धीरेंद्र शुक्ल ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यशाला में आने वाले विद्वानों के आलेखों से कार्यसंस्कृति और व्यक्तित्व विकास विषय पर आईएसबीएन नंबर के साथ एक पुस्तक दिल्ली से प्रकाशित होगी। यह पुस्तक प्रदेशभर के सरकारी और निजी कॉलेजों की लाइब्रेरी में स्टूडेंट्स पढ़ सकेंगे। पुस्तक नए पाठ्यक्रम में जुड़े नैतिक शिक्षा विषय की पढ़ाई में स्टूडेंट्स के लिए उपयोगी होगी। एमजीएम कॉलेज के हिंदी विभाग के तत्वावधान में तीन दिनी नेशनल वर्कशॉप का शुभारंभ बुधवार काे हुआ। मुख्य अतिथि विस अध्यक्ष डॉ.सीतासरन शर्मा, मुख्य वक्ता हिंदी ग्रंथ अकादमी के संचालक सुरेंद्र बिहारी गोस्वामी सहित अन्य थे।
कार्यशाला में आज यह होगा
कार्य संस्कृति पर वक्ताओं ने रखे अपने-अपने विचार
तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के दूसरे दिन 12 फरवरी को सुबह 11 बजे से तकनीकी सत्र आयोजित होगा। प्राचार्य डॉ.एलएल दुबे ने बताया कि राष्ट्रीय कार्यशाला के दूसरे तकनीकी सत्र की अध्यक्षता विदिशा की डॉ. कमल चतुर्वेदी करेंगी। विशेष अतिथि दुर्ग छत्तीसगढ़ के डॉ.देशबंधु तिवारी, विषय विशेषज्ञ छिंदवाड़ा के डॉ.लक्ष्मीकांत चंदेला और मुख्य वक्ता के रूप में नरसिंगपुर के डाॅ.सीएस राजहंस रहेंगे। कार्यशाला का संचालन डॉ.वीके कृष्ण करेंगे।
नेशनल वर्कशॉप में पहले दिन भोपाल से आईं दिशा संस्था की डॉ.रीना राजपूत ने खेल- खेल में व्यक्तित्व विकास का मनोविज्ञान समझाया। भोपाल के डॉ.धर्मेंद्र पारे, नागरपुर महाराष्ट्र से आए डॉ.मिथिलेश अवस्थी, सागर के डॉ.सलीम खान, विदिशा की गीता माथुर, पल्लवी बघेल और विद्वानों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में गीत प्रस्तुति छात्रा ज्योति नाईक ने किया।
अनामिका का विमोचन
समारोहमें अतिथियों ने कॉलेज की पत्रिका अनामिका का विमोचन किया अनामिका में कॉलेज के स्टूडेंट्स के आलेखों और प्राध्यापकों के संस्मरण को शामिल किया गया है।
नेशनल वर्कशॉप में बड़ी संख्या में देशभर से शोधार्थी शामिल हुए।
वर्कशाॅप