बिना इंजन के पटरी पर दौड़ने लगे कोच
रेलवेजंक्शन के प्लेटफार्म नंबर सात पर बुधवार शाम 4 बजे खड़े यात्री भौंचक रह गए जब उन्होंने देखा कि दिल्ली एंड से मुंबई एंड की ओर दो कोच बिना इंजन के पटरियों लुड़कते हुए चले रहे हैं। इन कोचों को रोकने के लिए यात्रियों ने पटरियों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया हालांकि कोच खाली थे। इन दोनों कोच के आगे कुछ मिनट पहले ही विंध्याचल एक्सप्रेस शंटिंग के लिए चली थी।
दरअसल यह दोनों कोच दो अलग-अलग ट्रेनों से काटकर अलग किए गए थे जो वाशिंग के लिए खड़े हुए थे। जैसे ही दोपहर 12.30 बजे कटनी से आई विंध्याचल एक्सप्रेस शाम को वापस जाने के लिए प्लेटफार्म नंबर 7 से 6 पर आने के लिए आगे बढ़ी तो इसके लोको के झटके से पटरियों में कुछ कंपन हुआ या फिर इसके पीछे के कोच पीछे खड़े इन दोनों कोच से टकराए जिससे यह भी ट्रेन के पीछे-पीछे अपने आप चलने लगे। लगभग 100 मीटर तक यह लुढ़कते हैं। वैसे भी दिल्ली एंड से मुंबई एंड की ओर जाने पर कुछ ढलान है इसलिए हल्के से झटके में ही यह लुढ़कने लगे। स्टेशन अधीक्षक कक्ष में मौजूद संचालन स्टेशन किशोरी लाल रणसूरमा ने ऐसी किसी भी जानकारी से इंकार किया। उनका कहना था कि एक कोच महानगरी का है और दूसरा कोच पैसेंजर गाड़ी का था जो वॉशिंग के लिए खड़े हुए थे।
कोच लुढ़ककर प्लेटफार्म पर गए।