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चार करोड़ से बदलेगी सूरत, एमजीएम गर्ल्स कॉलेज में होंगे निर्माण कार्य

6 वर्ष पहले
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शहरके काॅलेजों का नजारा अब बदला- बदला होगा। दोनों ही सरकारी कॉलेजों में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही शैक्षणिक व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए दो- दो करोड़ की बड़ी राशि दी गई है। उच्च शिक्षा विभाग के रूसा ( राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान) प्रोजेक्ट से एमजीएम और गर्ल्स कॉलेज दोनों को ही विकास कार्यों के लिए यह राशि जारी की गई है। इस राशि के उपयोग से कॉलेज में नए निर्माण करवाने, रेनोवेशन और सुविधाओं में बढ़ोतरी संबंधी काम करवाने और नए उपकरणों की खरीदी करने के लिए कॉलेजों को 12 फरवरी तक डीपीआर उच्च शिक्षा विभाग को भेजना है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने एमजीएम और गर्ल्स कॉलेज में निर्माण कार्यों का डीपीआर बनाने के लिए निरीक्षण किया है। गर्ल्स कॉलेज में बेहतर खेल मैदान डिजाइन करना विभाग की पहली प्राथमिकता होगी। वहीं एमजीएम कॉलेज पत्ती बाजार के पीछे भवन निर्माण की शुरुआत के लिए राशि खर्च करेगा। उल्लेखनीय है इस दो करोड़ की राशि का 35 फीसदी यानी 70- 70 लाख रुपए नए निर्माण कार्य और रिनोवेशन में ही खर्च किया जाना है। शेष 60 लाख की राशि कंप्यूटर, खेल उपकरण, पुस्तकें, जर्नल्स और रिसर्च पत्रिकाएं खरीदने और बनवाने पर खर्च की जा सकेगी।

{निर्माणाधीन हॉस्टल की लागत बढ़ने से प्राप्त राशि का बड़ा हिस्सा पूरा बनाने देंगे।

{खेल मैदान को नए निर्माण लेबल तक लाना और व्यवस्थित खेल मैदान बनाना

{कॉलेज भवन में दूसरे तल पर छात्राओं के लिए हाईजीनिक टॉयलेट का निर्माण

{नए विज्ञान संकाय के लिए लैब निर्माण और उपयोगी उपकरण क्रय करना

{लैब के लिए नए कंप्यूटर

{सांस्कृतिक आयोजनों के लिए 500 स्थायी कुर्सियों सहित ऑडिटोरियम का निर्माण।

{नए भूखंड पर बाउंड्रीवाल और फिलिंग

{कामर्स विभाग के नई कक्षाओं का निर्माण

{छात्र- छात्राओं के लिए अलग- अलग टायलेट का निर्माण

{प्रशासनिक भवन की साज सज्जा, शैक्षणिक भवन की मरम्मत

{लेंग्वेज लैब, लाइब्रेरी के लिए कम्युटर और उपकरणों की खरीदी।

^कॉलेजों का निरीक्षण कर लिया गया है। डीपीआर बनाकर उपलब्ध करवा दी जाएगी। -एनपी सिंह, ईई पीडब्ल्यूडी

^काॅलेज उन्नयन के लिए रूसा के कंपोनेंट 7 के तहत कॉलेज का चयन किया गया है। राशि से निर्माण कार्यों की डीपीअार बनाने की तैयारी की जा रही है। -डॉ.एलएल दुबे, प्राचार्य एमजीएम कॉलेज

^हास्टलनिर्माण की लागत बढ़ने, नए विषयों की बेसिक सुविधाएं जुटाने में यह राशि सहायक होगी। राशि से नया करना मुश्किल है। -डॉ.कुमकुम जैन, प्रभारी प्राचार्य गर्ल्स कॉलेज

यह हो सकती है समस्या

खासबात यह है कि हाल ही में 2 फरवरी को उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों को रूसा प्रोजेक्ट से यह राशि देने संबंधी पत्र भेजा है। जिले के 4 कॉलेजों को रूसा से 2-2 करोड़ रुपए दिए गए हैं। नए निर्माण और रिनोवेशन के लिए डीपीआर बनाने का काम पीआईयू का है। 12 फरवरी तक डीपीआर भेजना जरूरी है। ऐसे में जिले की एकमात्र पीआईयू कैसे काम पूरा करके कॉलेजों को उपलब्ध कराएगा, यह स्पष्ट नहीं है। समय पर डीपीआर जाने की स्थिति में यह अवसर छिन भी सकता है। जो कॉलेजों के लिए बड़ा आर्थिक नुकसान होगा।

यहरह जाएगी कमी

कॉलेजोंमें शैक्षणिक व्यवस्थाएं सुधारने के लिए सत्र की शुरुआत के पहले ही बड़ी राशि मिलने से भले ही कॉलेज में नए निर्माण हो जाएंगे लेकिन ग्रेड पाने वाले कॉलेज में अभी भी खेल मैदान व्यवस्थित नहीं है। बॉटनिकल गार्डन जगह की कमी के कारण खराब हो रहा है। गर्ल्स कॉलेज में अभी तक नए भवन में बिजली फिटिंग नहीं हो सकी है। गर्ल्स कॉलेज में खुले नए विषयों की सुविधाएं जुटाने के लिए यह राशि ऊंट के मुंह में जीरे के समान होगी। दोनों ही कॉलेज शैक्षणिक स्टाफ की कमी से जूझ रहे हैं।

इटारसी| गर्ल्सकॉलेज।

गर्ल्स कॉलेज

एमजीएम कॉलेज

रेनोवेशन

कैंटीन

10 लाखसे

लाइब्रेरी

10 लाखसे

प्रशासनिक भवन

10 लाखसे

शैक्षणिक भवन

10 लाखसे

ये उपकरण भी मिलेंगे

बुक, जनरल्स, रिसर्च

15 लाखसे

खेल सामग्री

15 लाखसे

कम्प्यूटर

30

ये निर्माण कार्य होंगे

कॉमन रूम

15 लाखसे

लैब

20 लाखसे

टॉयलेट

10 लाखसे

हॉस्टल

25 लाखसे