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दीवार पर बनी बच्चों की स्माइल बताएगी स्वास्थ्य
घरके बाहर दीवार या दरवाजे पर बने चेहरेनुमा सिम्बॉल (स्माइली) का रंग बता देगा कि इस घर का बच्चा स्वस्थ है, या कुपोषित। महिला बाल विकास विभाग ने कुपोषण मिटाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत बच्चों के वजन, शारीरिक-मानसिक वृद्धि को रिकॉर्ड कर अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से अलग-अलग रंगों से स्माइली बनाई जा रही हंै। शहर के वार्ड 02 और 08 सहित केसला विकासखण्ड में अब तक कुल 23 स्नेह शिविरों का आयोजन हो चुका है। जिस-जिस जगह पर इन शिविरों का आयोजन हुआ है उन ग्रामों या वार्डों के घरों में वजन, शारीरिक एवं मानसिक वृद्धि के अनुसार कैटेगरी बनाकर दीवार पर स्माइली बनाई गई है। घरों की दीवार पर हंसती हुई, मुरझाई हुई और साधारण दिखने वाली स्माइली बनाई जा रही हंै।
आजसे लगेगा स्नेह शिविर
9फरवरी से लेकर 21 फरवरी तक शहर सहित केसला विकासखण्ड के गांवों में महिला बालविकास विभाग द्वारा स्नेह शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसके अंतर्गत नवजात से लेकर 6 वर्ष तक के कुपोषित बच्चों का 15 दिनों तक लगातार वजन लिया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दीवारों पर स्माइली बनाएगी जिससे यह पता रहे कि किस मकान में रहने वाला बच्चा स्वस्थ है और इलाज की जरूरत किस घर के बच्चे को है। कम वजन वाले बच्चों को पोषण आहार देते हंै।
ग्राम मरयारपुरा में घर की दीवार पर बनी आकृति
54 स्नेह शिविर लगाएंगे
^9से 21 फरवरी तक इटारसी और केसला ब्लाॅक में स्नेह शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस अवधि के दौरान पूरे जिले में 54 स्नेह शिविर लगाए जाएंगे। शिविर के दौरान कुपोषित बच्चों के आहार पोषण देकर माताओं को आवश्यक जानकारी दी जाएगी। -योगेश घाघरे, परियोजना अधिकारी, महिला बाल विकास