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इटारसी में बनेगा 65 किमी तक मार करने वाला आधुनिक रॉकेट

7 वर्ष पहले
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दुश्मनोंके हौंसले के ध्वस्त करने के लिए भारत का स्वदेशी अत्याधुनिक राकेट पिनाक का निर्माण इटारसी की ऑर्डिनेंस फैक्टरी में होगा। 11 सितंबर 2014 को पिनाक मार्क-2 का सफल अंतिम परीक्षण उड़ीसा के बालसौर जिले की चांदपुर रेंज में किया गया था। इटारसी फैक्टरी अभी तक गाइडेड मिसाइल प्रोजेक्ट के तहत मिसाइलों का प्रोपेल्शन सिस्टम (प्रोपेलेंट) का निर्माण करता था। अब परिष्कृत और उन्नत पिनाक मार्क-2 का पूरा निर्माण इटारसी में होगा। इसके निर्माण के लिए एक बड़ी यूनिट का निर्माण इन दिनों फैक्टरी परिसर में हो रहा है। गुरुवार को डीआरडीओ पुणे के रक्षा तकनीकी वैज्ञानिक कोल्हापुरकर ने पिनाक मार्क-2 की टीओटी ऑर्डिनेंस फैक्टरी इटारसी के जीएम ईआर शेख को हस्तांतरित की।

उड़ीसा के बालसौर में किया गया था परीक्षण। फाइलफोटो

44 सेकंड में छूटते हैं एक साथ 12 रॉकेट

रॉकेटलांचर से 12 पिनाक रॉकेट एक साथ 44 सेकंड में छूटते हैं और यह 65 किमी तक मार करते हैं। यह 3.9 किमी के दायरे में सबकुछ ध्वस्त कर सकते हैं। दुश्मनों के बंकर और ठोस धातुओं से बने क्षेत्र को पूरी तरह से बर्बाद कर सकते हैं।

1995 से चल रहा पिनाक का विकास

स्वदेशीनिर्मित गाइडेड रॉकेट पिनाक मार्क-2 का 1995 से डीआरडीए द्वारा विकास किया जा रहा था। 11 दिसंबर 2014 का चांदपुर रेंज में इसके तीन कठिन परीक्षण के बाद इसे सेना में शामिल करने की हरी झंडी दी गई। जिसमें उत्पादन के लिए इटारसी फैक्टरी को चुना गया।

डीआरडीओ के विश्वास पर खरा उतरेंगे

^आयुधनिर्माण इटारसी की क्षमता और दक्षता को देखते हुए डीआरडीओ ने विश्वास करते हुए यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट हमें दिया है और हम इसके विश्वास पर खरा उतरेंगे।\\\'\\\' -ईआर शेख, महाप्रबंधक,ऑर्डिनेंस फैक्टरी इटारसी

मारक क्षमता 65किमी

लंबाई4.19मीटर

व्यास214सेमी

बमका वजन 100किग्रा

कुलवजन 276किग्रा

पिनाक की खूबियां