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एएस टीएस में उलझकर खारिज हो गए गर्ल्स कॉलेज के प्रस्ताव

7 वर्ष पहले
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सरकारीसिस्टम में प्रक्रिया में सिस्टम ही कुछ ऐसा है कि समय पर काम नहीं होते, लागत बढ़ जाती है और बाद में प्रस्ताव खारिज कर वापस भेज दिए जाते हैं। ऐसा ही कुछ गर्ल्स कॉलेज के उन निर्माण कार्यों के मामले में हो रहा है जो पिछले कई साल से प्रस्तावित हैं और इनसे शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। पहले एस्टीमेट बनाने फिर तकनीकी स्वीकृति में समय लगा, जब यह सब हुआ तो उच्च शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक स्वीकृति देने की जगह इन प्रस्तावों खारिज कर नए सिरे से प्रस्ताव बनाकर मांगे हैं जिसमें नई टीएस मांगी गई है। खारिज करने की वजह यह बताई गई कि जब इन प्रस्तावों को तकनीकी स्वीकृति पीडब्ल्यूडी द्वारा दी गई तब उसका एसओआर कुछ था और जब प्रशासनिक स्वीकृति के लिए उच्च शिक्षा विभाग में प्रस्ताव गए तब उसका एसओआर बदल गया और रेट बढ़ गए। पिछले तीन चार साल से यह तमाम काम इसी तरह फाइलों में इधर से उधर भटक रहे हैं। गर्ल्स कॉलेज के इन महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों और इनसे होने वाली समस्याओं को जानने के बाद अगस्त 2014 में कॉलेज के युवा महोत्सव में बतौर अतिथि पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीतासरन शर्मा ने भी भरोसा दिलाया था कि तमाम कामों को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी और पैसा दोनों दिलाएंगे। उनकी इस घोषणा के बाद भी हालत यह है कि उच्च शिक्षा विभाग ने इन प्रस्तावों को सिरे से खारिज कर दिया इन स्थितियों को देखने के बाद अब कॉलेज प्रशासन अब निराश मुद्रा में गया है। गर्ल्स कॉलेज में जनभागीदारी से हर साल करीब साढ़े तीन लाख रुपए आते हैं। वर्तमान में करीब 14 लाख रुपए हैं। कॉलेज की समिति के अध्यक्ष कलेक्टर हैं और इसकी बैठक लंबे समय से नहीं हुई है। जनभागीदारी से पिछले सत्र तक दो कक्षाओं का संचालन हो रहा था अतिथि विद्वानों का भुगतान जनभागीदारी से किया जा रहा था। इन निर्माण कार्यों में जनभागीदारी के पैसे का उपयोग हो सकता है लेकिन कॉलेज अपनी कुछ मजबूरियां बताता है।

प्रस्ताव 4- बाउंड्रीवाल

लागत-1लाख 76 हजार

टीएस-दिसंबर2012

प्रशासकीयस्वीकृति का प्रस्ताव- जून2013

प्रस्तावअस्वीकृत- 8दिसंबर 2014

समस्या-कॉलेजपरिसर में समतलीकरण, पे बिल ब्लॉक लगने और नया गेट बनने के कारण कॉलेज की बाउंड्रीवाल की ऊंचाई कम हो गई है क्षतिग्रस्त भी हो गई है। इससे कॉलेज में असुरक्षा की स्थिति रहती है। कोई भी दीवार फांदकर अंदर स