जयस्तंभ के दुरुपयोग का विरोध शुरू
शहरके गौरव का प्रतीक जयस्तंभ अव्यवस्था का शिकार बन रहा है। जिसमें प्रशासन भी अपनी सहमति से बड़ा योगदान दे रहा है। शहर में होने वाले विरोध प्रदर्शन से लेकर प्रचार-प्रसार के बैनर पंपलेट तक जयस्तंभ को अपना शिकार बनाते हैं। जिससे इसके आसपास हमेशा गंदगी रहती है। इसके आसपास के दुकानदार भी शाम को दुकान बंद करते समय अपना कूड़ा-करकट इसके पास जमा करके जाते हैं। गुरुवार को कांग्रेस की गुटबाजी में हुए कालिख कांड की कालिख जयस्तंभ के आसपास फैली हुई थी जिसे नपा ने सुबह फायर ब्रिगेड गाड़ी से धोया। जयस्तंभ की इस दुर्दशा को लेकर आलाप संगीत समिति अपना विरोध दर्ज कराने सामने आई है। समिति के मनीष जायसवाल का कहना है कि प्रशासन यहां पर किसी भी तरह के प्रदर्शन के लिए अनुमति देना ही बंद कर दे। इसके अलावा जो यहां पर अपने प्रचार-प्रसार के पोस्टर लगाता है उस पर लोक संपत्ति विरूपण अधिनियम में कार्रवाई करे। रोटरी क्लब के अध्यक्ष रामनाथ चौरे का मानना है कि शहर के आत्म सम्मान और गौरव के प्रतीक जयस्तंभ के साथ इस तरह का बर्ताव नहीं होना चाहिए।