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बिना यूनिफार्म के प्रतिभा पर्व में शामिल होंगे बच्चे
प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में प्रतिभा पर्व के प्रथम चरण की शुरुआत 15 दिसंबर से होगी। सत्र शुरू हुए सात माह बीत जाने के बाद भी स्कूलों में 50 फीसदी से अधिक स्टूडेंट्स गणवेश से वंचित हैं। प्रतिभा पर्व के तहत होने वाले मूल्यांकन में विषयों की लिखित परीक्षा के साथ स्टूडेंट्स की शैक्षणिक गुणवत्ता, शारीरिक शिक्षा, स्वास्थ्य, साफ-सफाई आदि पर भी अंक दिए जाते हैं। गणवेश से वंचित स्टूडेंट्स के अभिभावक स्कूलों के चक्कर काट रहे हैं। शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरीश यादव ने बताया कि सही जानकारी नहीं होने के कारण शिक्षक भी अभिभावकों को उचित जवाब नहीं दे पा रहे हैं
आधेबच्चों के पास नहीं गणवेश
सत्रशुरू हुए लंबा समय बीत जाने के बाद भी अधिकांश स्कूलों में 50 फीसदी से अधिक स्टूडेंट्स के पास गणवेश नहीं है। मिडिल स्कूल पीपल मोहल्ला में 228 में से 122 को गणवेश नहीं मिल सकी है। मिडिल स्कूल मेहरागांव में 268 में से 102, प्राथमिक स्कूल मेहरागांव में 161 में से 70, प्राथमिक स्कूल रामगढ़ के 95 में से 59, प्राथमिक स्कूल मिशनखेड़ा के 131 में से 48,मिडिल स्कूल मिशनखेड़ा के 86 में से 42, प्राथमिक स्कूल भीलाखेड़ी के 148 में से 20, मिडिल स्कूल घुघवासा के 29 में से 13 स्टूडेंट्स को गणवेश की राशि नहीं मिल सकी है।
दोकिश्तों में भी नहीं मिली पूरी राशि
गांधीनगरमिडिल स्कूल के प्रधानपाठक बैनी चौरे ने बताया कि गणवेश की राशि दो किश्तों में दी गई लेकिन फिर भी पूरी राशि नहीं मिल सकी है। पुत्री शाला की प्रधानपाठिका पुष्पा सोनी ने बताया कि गणवेश की राशि की पहली किश्त 19 जून को जारी की गई थी। शिक्षक आरके दुबे ने बताया कि दर्ज संख्या से कम राशि आने पर प्रधानपाठकों ने जिला कार्यालय में इसकी सूचना दी थी जिस पर आश्वासन दिया गया था कि दूसरी किश्त में सभी स्टूडेंट्स को राशि दी जाएगी। दूसरी किश्त 20 नवंबर को दी गई लेकिन इसमें भी सभी बच्चों को राशि नहीं दी जा सकी।
रिजल्टपर नहीं पड़ेगा फर्क
^जिलेके कई स्कूलों में शत प्रतिशत गणवेश राशि का वितरण नहीं हो सका है। जब तक राज्य से राशि प्राप्त नहीं होती तब तक कुछ कहना संभव नहीं है। प्रतिभा पर्व में गणवेश की अव्यवस्था का रिजल्ट पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।^ -एसएसपटेल,डीपीसीहोशंगाबाद