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नपा की योजना के भरोसे रहते, तो नहीं उठती बेटी की डोली

6 वर्ष पहले
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शहरके वार्ड 23 में रहने वाली साहिन फातिमा के अभिभावक सरकारी योजना के भरोसे यदि निकाह के लिए बैठे रहते, तो शायद उसकी डोली ही नही उठ पाती। कर्ज लेकर डोली तो उठ गई, लेकिन इस कर्ज को चुकाने के लिए साहिन की अम्मी योजना की राशि पाने के लिए पिछले पांच महीने से रोज नपा के चक्कर काट रही हैं। इटारसी नगर पालिका में ऐसे जरूरतमंद भटकते रहते हैं और शाखा प्रभारी अपनी अति व्यस्तता बताकर आज आना और कल आना कहकर टालते रहते हैं। स्थिति यह है कि श्रमिक कल्याण मंडल की तीन तरह की हितग्राही मूलक योजनाओं में 32 प्रकरण एक साल से लंबित चल रहे हैं, जबकि ये पोर्टल पर स्वीकृत बताए जा रहे हैं और इनका पैसा नपा के खाते में गया है। केवल हितग्राही को नहीं मिला है और हितग्राही नपा के चक्कर काट रहे हैं। इन्ही प्रकरणों को लेकर सभापति यज्ञदत्त गौर और नपा अधीक्षक अरूण चौधरी ने शाखा प्रभारी सतीश खरे से बात की तो प्रकरणों में हितग्राही को पैसा मिलने को लेकर तमाम तरह के तथ्य गिना दिए। जिस पर अधीक्षक और सभापति दोनों ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर काम नहीं हो रहा तो काम छोड़ दो।

नपा के खाते में आई राशि पर हितग्राही को नहीं मिली

योजना प्रकरण

प्रसूतिसहायता 14

विवाह सहायता 09

मृत्यू सहायता 09

लगाई फटकार

हितग्राहियोंकी स्थिति को देखने के बाद नपा अधीक्षक अरूण चौधरी ने सतीश खरे के जवाब सुनकर कहा कि हमेशा ऐसे ही जवाब देते हो, सुन-सुन कर थक गया हूं। इस महिला का बच्चा ही डेढ़ साल का हो गया और इसे प्रसूति सहायता का पैसा नहीं मिला।



यदि तुम्हारे भरोसे लोग रहते तो कई गरीबों की तो अर्थियां ही नहीं उठती। 43 प्रकरणों में तो कार्रवाई ही नहीं की, जबकि ये लोक सेवा गारंटी में आते हंै।

गलतफहमी में मत रहो, एफआईआर हो जाएगी

32प्रकरणों में एक साल से पैसा स्वीकृत होने के बाद भी हितग्राही को मिलने को लेकर सभापति यज्ञदत्त गौर ने शाखा प्रभारी सतीश खरे से कहा कि गलतफहमी में मत रहो खरे साहब, पैसा स्वीकृत होने के बाद भी हितग्राही के खाते में नहीं गया। यह सब सेवाएं लोक गारंटी में आती हैं। यदि कोई हितग्राही अपनी पर गया तो सीधे एफआईआर दर्ज हो जाएगी। समय पर हितग्राहियों का काम होना चाहिए।

सवाल जवाब किए

^यदि कागज कम है या कुछ कमी है तो प्रकरण लेते ही क्यों हैं और जब प्रकरण स्वीकृत हो चुके हैं तो हितग्राही के खाते में राशि क्यों नही गई। इसी को लेकर हितग्राहियों के आने पर सतीश खरे से सवाल जवाब किए गए। अरूणचौधरी, अधीक्षक

अधीक्षक और सभापति सतीश खरे से सवाल जवाब करते हुए।