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गांव बना घराती, 11 बेटियों का विवाह किया

6 वर्ष पहले
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रामपुरमें एक परिवार ऐसा भी है जो बिना किसी स्वार्थ के हर साल गरीब बेटियों का कन्यादान करता है। इस आयोजन में यह परिवार अपनी ओर से करीब 10 से 12 लाख रुपए तक खर्च करता है। इस विवाह में जाति धर्म का कोई बंधन नही होता। इस वर्ष भी गुरुवार को पूरा रामपुर गांव घराती बना और 11 जोड़ों का धूमधाम से विवाह किया गया। विवाह सम्मेलन में दूल्हों की सामुहिक बारात भी घोड़े और बैंडबाजे के साथ निकाली गई। वहीं सामूहिक भोज का भी आयोजन किया गया। समारोह में रामपुर सहित आसपास के एक दर्जन गांवों केे करीब 5 हजार लोग मौजूद थे।

सामूहिक विवाह का छठा वर्ष

रामपुरमें नि:शुल्क सामूहिक विवाह का यह छठा साल है। इस वर्ष 11 जोड़ों का विवाह हुआ। यह जोड़े, तवानगर, भौंरा, गोरा, रामपुर, पानबर्री, गुर्रा, सोहागपुर और इटारसी के थे। सभी का विधि विधान के साथ विवाह करवाया गया।

सर्वधर्म के लिए होता है यह समारोह

आयोजकअाशुतोषशरण तिवारी ने बताया कि उनके परिवार द्वारा पिछले छह साल में करीब 150 जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। इनमें हर साल दो-तीन जोड़े मुस्लिम समुदाय के भी होते हैं, लेकिन इस बार मुस्लिम समुदाय से कोई भी जोड़ा नहीं आया। जोड़े के धर्म के अनुसार उनका विवाह कराया जाता है।

विवाह में दिए 60 हजार के उपहार

इसबार विवाह समारोह में प्रत्येक जोड़े को तिवारी परिवार द्वारा 60 हजार रुपए के उपहार दिए गए। जिसमें दुल्हन को सोने-चांदी के पांच जेवर दिए गए। इसके अलावा शादी का जोड़ा भी दिया गया। साथ ही प्रत्येक जोड़े को उपहार में अलमारी, टीवी, पलंग, सोफा सेट सहित घर-गृहस्थी का अन्य सामान भी दिया गया।

सामूहिक विवाह