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डाक विभाग ने पत्र में लिखा-बदल जाते हैं ट्रेनों के प्लेटफार्म, रह जाती है जरूरी डाक

6 वर्ष पहले
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अगरट्रेनों के प्लेटफार्म अचानक बदल दिए जाएं, तो यात्रियों को हैरान परेशान होना पड़ता है लेकिन अब तो रेलवे का डाक विभाग भी अचानक प्लेटफार्म बदलने वाले सिस्टम से परेशान हो गया है। कई बार उसकी महत्वपूर्ण डाक भी छूट जाती हैं। डाक विभाग ने एक पत्र में अपनी पीड़ा जाहिर करने के साथ-साथ इस सिस्टम को लेकर कुछ सवाल खड़े किए हैं। हालांकि यह आरोप पहले से लगते रहे हैं कि ट्रेनों के प्लेटफार्म बदलने में खानपान ठेकेदारों का स्वार्थ अहम रोल अदा करता है और इस सिस्टम में रेलवे के स्थानीय स्तर से लेकर उच्च स्तर तक की भूमिका रहती है।

पत्र में इन ट्रेनों के बदलने का किया उल्लेख

स्टेशन प्रबंधन कार्यालय में आए डाक विभाग के पत्र के अनुसार इटारसी स्टेशन पर 14 अपडाउन ट्रेनों से डाक भेजी जाती हैं। इनमेंं नर्मदा एक्सप्रेस (18233/34), पंजाब मेल (12137/38), अमृतसर एक्सप्रेस (11057/58), जीटी एक्सप्रेस (12616/15), गोवा एक्सप्रेस (12780/79), कलकत्ता मेल (12322/21) और दक्षिण एक्सप्रेस (12721/22) शामिल हैं। पत्र के अनुसार हाल ही में कुछ ट्रेनों के प्लेटफार्म अचानक ही बदल दिए गए, जिसके कारण हाईकोर्ट, रेलवे बोर्ड और रक्षा मंत्रालय जैसे विभागों की जरूरी डाक तक छूट जाती है। पत्र में डाक विभाग ने स्टेशन प्रबंधन से उल्लेख किया है कि जहां तक हो सके इन ट्रेनों के प्लेटफार्म परिवर्तित किए जाएं।

यात्रियों की होती है परेशानी

भोपालके लिए डेली अपडाउन करने वाले गौतम प्रसाद ने बताया कि ट्रेनों के प्लेटफार्म अचानक बदल जाने से सबसे ज्यादा परेशानी यात्रियों को ही होती है। एक प्लेटफार्म से बदले प्लेटफार्म तक फुटओवर ब्रिज की सीढिय़ों से यात्रियों को दौड़कर जाना होता है। जिससे दुर्घटना होने का डर भी रहता है। यदि किसी ट्रेन का स्टॉपेज कम है तो बुजुर्ग व्यक्ति के लिए ट्रेन पकड़ना सबसे ज्यादा मुश्किल होता है।

तकनीकी कारणों से बदला जाता है प्लेटफार्म

^तकनीकीकारणों से ट्रेनों के प्लेटफार्मों को बदला जाता है। जिसकी सूचना भी समय से दे दी जाती है। हमारे द्वारा जब तक अतिआवश्यक हो ट्रेनों के प्लेटफार्म को नहीं बदला जाता है। किशोरीलालरणसूरमा, संचालक स्टेशन

खानपान ठेकेदारों को होता है फायदा

^ट्रेनोंका प्लेटफार्म बदला जाना, एक सुनियोजित काम है। इसका सीधा फायदा खानपान ठेकेदार उठाते हैं। इसके चक्कर में यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।^ कैलूउपाध्याय, प्रवक्ता, जिला कांग्रेस

इटारसी रेलवे स्टेशन पर रोजाना प्लेटफार्म बदलने से परेशानी होती है।