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दशहरे से शुरू होगा बायपास ट्रैक का काम

7 वर्ष पहले
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वर्तमान में यह है ट्रैफिक की स्थिति

पवारखेड़ा से जुझारपुर तक बनना है साढ़े 12 किमी लंबा बायपास ट्रैक

रेलवेजंक्शन इटारसी में ट्रेनों के ट्रैफिक को कम करने के लिए रेलवे के एक बड़े प्रोजेक्ट का निर्माण अब जल्द ही शुरू होने वाला हैं। रेलवे पवारखेड़ा से जुझारपुर तक साढ़े बारह किमी लंबा बायपास ट्रैक बनाने वाली है। जानकारी के अनुसार रेलवे प्रशासन दशहरे के बाद साकेत और जुझारपुर में बनने वाले मेजर ब्रिज, 9 छोटे ब्रिज और 8 बैलेंसिंग के लिए पुलिया का निर्माण काम शुरू कर देगा। साथ ही बायपास पर 9 रोड अंडर ब्रिज का निर्माण भी किया जाएगा। जब तक यह काम किए जाएंगे तब तक बायपास के लिए आवश्यक भूमि का भी अधिग्रहण कर लिया जाएगा। बायपास ट्रैक के निर्माण में जो भूमि लगना हैं उसकी 60 फीसदी भूमि तो रेलवे के पास हैं लेकिन 40 फीसदी भूमि रेलवे को आधा दर्जन गांव के किसानों से अधिग्रहण करना है। जिसके चलते रेलवे का कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट संबंधित गांवों में जनसभा का आयोजन कर अधिग्रहण के मामले में किसानों की समस्या सुन रहा है। मंगलवार दोपहर को रेलवे ने ग्राम मेहरागांव और बोरतलाई में जनसभा का आयोजन कर किसानों की समस्याएं जानी। इस दौरान दोनों ही गांव के संबंधित किसानों ने चिन्हित भूमि के रकबे की जांच कर अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया को समझा। हाल ही में रेलवे ने ग्राम ब्यावरा और साकेत में भी जनसभाएं की है। मंगलवार को आयोजित जनसभा कार्यक्रम में पश्चिम मध्य रेल के कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट के सेक्शन इंजीनियर, एईएन जूनियर इंजीनियर उपस्थित थे।

एक नजर

^40फीसदी रेलवे को भूमि अधिग्रहण करना होगी

^2008 में बायपास ट्रैक निर्माण कार्य योजना शुरू हुई।

^रेलवे ने अक्टूबर 2013 को प्रदेश शासन को प्रोजेक्टर जमा किया

छह साल से फाइलों पर चल रही तैयारी

इटारसी जंक्शन में ट्रेनों के ट्रैफिक को कम करने के लिए रेलवे पिछले छह सालों से बायपास ट्रैक निर्माण की तैयारी कर रहा हैं। हालांकि यह तैयारी अब तक सिर्फ फाइलों में ही एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय तक चल रही थी। वर्ष 2008 में रेलवे ने बायपास ट्रैक के निर्माण की कार्ययोजना बनाना शुरू की। प्रोजेक्ट बनने के बाद जून 2012 में भूमि के अधिग्रहण के लिए रेलवे के इंजीनियर नाप जोख और सीमांकन के कार्य में जुटे। जिसके लिए रेलवे ने आगे की कार्रवाई के लिए अक्टूबर 2013 के अंत