उनकी लड़ाई में ‘अपना घर पराया’
नगरपालिकामें अध्यक्ष और भाजपा संगठन की खींचतान के बीच पीआईसी नहीं बन पा रही है। इससे कई काम प्रभावित हो रहे हैं। नामांतरण के सैकड़ों प्रकरण पेंडिंग हैं। इससे लोगों को अपने मकान, भू-खंड का मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा। नाली निर्माण मरम्मत जैसे छोटे काम भी नहीं हो पा रहे।
मकान, भू-खंड, दुकान आदि के नामांतरण के अधिकार या नपा परिषद को है अथवा परिषद द्वारा अधिकृत पीआईसी की नामांतरण समिति को। नपा चुनाव के दो महीने बाद भी परिषद सम्मेलन हुआ और पीआईसी बन पाई। कई नामांतरण लंबे समय से पेंडिंग हैं। कुछ नामांतरण चुनाव के पहले से लंबित हैं जो आचार संहिता के चक्कर में उलझे थे और फिर चुनाव के बाद राजनीतिक उठापटक के चलते अधर में हैं। रतलामीगेट निवासी राजेश रूणवाल ने बताया हमारे परिवार के दो नामांतरण तीन महीने से लंबित हैं। पहले चुनाव का बहाना था और अब जाते हैं तो ये कहकर इतिश्री कर ली जाती है कि अभी पीआईसी नहीं बनी। नपा के नामांतरण विभाग प्रभारी सुभाष जैन के मुताबिक 160 से ज्यादा प्रकरण लंबित हैं।
इसलिए नहीं बन पा रही पीआईसी
नपाध्यक्षअनिल दसेड़ा निर्दलीय चुनाव लड़े। भाजपा उनसे खफा है। भाजपा समर्थित पार्षदों को पीआईसी में जाने से संगठन ने रोक दिया। दसेड़ा ने भाजपा पार्षदों को लेकर 12 जनवरी को पीआईसी घोषित की थी लेकिन 48 घंटे बाद 14 जनवरी को भाजपा जिलाध्यक्ष बजरंग पुरोहित ने पार्षदों की बैठक लेकर उन्हें पीआईसी का हिस्सा बनने से रोक दिया। इसके बाद से पीआईसी अधर में है। दसेड़ा भाजपा की विचारधारा के साथ काम करते हुए खुद को पार्टी का बता रहे हैं। उन्होंने पार्टी में शामिल होने के लिए संगठन पदाधिकारियों को आवेदन भी दे दिए लेकिन संगठन की तरफ से कोई निर्णय नहीं हुआ। अध्यक्ष भी असमंजस में है कि वे नई पीआईसी में अन्य पार्षदों को लेकर काम शुरू करें अथवा पार्टी के निर्णय का इंतजार करें। इस चक्कर में आम लोग परेशान हो रहे हैं।
आवेदन भेज दिया
^नपाध्यक्षका आवेदन जिला प्रदेश कार्यालय भेज दिया है। वहां से अभी कोई मैसेज नहीं मिला है। अशोकजैन आंटिया, अध्यक्ष नगर मंडल भाजपा
^संगठनसे मैसेज नहीं आया। दो-तीन दिन इंतजार करेंगे। रिस्पांस नहीं मिला तो पीआईसी के पुनर्गठन का निर्णय लेंगे। अनिलदसेड़ा, अध्यक्ष नगरपालिका परिषद
पीआईसी को 10 लाख रुपए तक के विकास कार्य करने का अधिकार है। पीआईसी नहीं होने से छोटे काम भी नहीं हो पा रहे हैं। एक-दो लाख की लागत के नाली निर्माण से लेकर मरम्मत जैसे काम अटके हैं। वार्ड 3 के मीनापुरा निवासी जाहिद खान ने बताया जमात खाना गली में आंगनवाड़ी के सामने नाली नहीं होने से पानी सड़क पर फैल रहा है। कीचड़ से रहवासियों, राहगीरों के साथ आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चे परेशान हैं। नपा में अधिकारी-कर्मचारियों की तनख्वाह बांटने के अलावा बाकी सब काम ठप हैं।
नपा के नामांतरण विभाग में प्रकरण लंबित होने से लोग परेशान हैं।