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माता-पिता बुजुर्ग हैं, चुनाव में गया तो देखभाल कौन करेगा
पंचायतचुनाव में तीन दिन की ड्यूटी से बचने के लिए सरकारी कर्मचारियों के पास तरह-तरह के तर्क हैं। किसी के माता-पिता बुजुर्ग हैं तो कोई बीमार है। ड्यूटी कैंसिल कराने के लिए गुरुवार को 125 आवेदन एडीएम कार्यालय में आए।
पंचायत चुनाव के अंतिम चरण में रतलाम, जावरा पिपलौदा विकासखंड में 22 फरवरी को मतदान होगा। 1166 अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। गुरुवार सुबह 10.30 से शाम 6.30 बजे तक 125 आवेदन आए।
सर्वाधिकमामले बीमारी के- 50से अधिक आवेदनों में बीमारी को कारण बताया है। गंभीर बीमारी का मेडिकल सर्टिफिकेट भी लगाया है। बेटी की शादी, परिजन की बीमारी, शारीरिक अक्षमता तो कोई बच्चों के छोटे होने का हवाला दे रहा है। अधिकतर कर्मचारियों को 18 फरवरी को निर्णय लेने का कहा गया है।
इनकेआवेदन पर राहत- मेरीप|ी सहायक अध्यापक है, मैं बिजली कंपनी में कार्यरत हूं। दोनों की चुनाव ड्यूटी लगी है। दो छोटे बच्चे हैं, इनकी देखरेख के लिए कोई नहीं है। इस पर प|ी की ड्यूटी कैंसिल कर दी गई।
(जानकारी-एडीएम कार्यालय में प्राप्त आवेदनों के अनुसार)
बचने के बहाने
{मेरीदाई आंख में हेमरेज हुआ था। आंख की सर्जरी हो चुकी है। अब तक पूर्ण रोशनी नहीं आई है। चुनाव जैसी अहम जिम्मेदारी निभाने में अक्षम हूं।
{ मेरे पिता 72 साल माता 66 साल की हैं। उनकी देखरेख के लिए घर में कोई नहीं है। इसलिए चुनाव ड्यूटी से मुक्त किया जाए।
{ भाई की बेटी की शादी में जाना है। इसलिए 18 से 21 फरवरी तक अवकाश दिया जाए।
दिनभरमें 125 आवेदन
^पंचायतचुनाव की ड्यूटी कैंसिल कराने के लिए गुरुवार दिनभर में 125 आवेदन मिले। जिनके कारण जायज थे, उन्हें राहत दी। बाकी आवेदनों उनमें दर्शाए कारणों पर 18 फरवरी को निर्णय लिया जाएगा। कैलाशवानखेड़े, एडीएम