परिषद के लिए चुनौती गंदगी के ढेर
नगरमें जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर सफाई व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहे हैं। गली-मोहल्लों सरकारी भवनों के आसपास गंदगी फैलने से मच्छरों की भरमार है। बदबू से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। नई परिषद के लिए गंदगी के ढेर चुनौती होंगे।
गली-मोहल्लों की नालियों में भरा कीचड़, कचरा, पॉलिथीन की थैलियां लोगों के लिए परेशानी बने हैं। सफाईकर्मी नगर के मुख्य मार्गों और गलियों का कचरा साफ कर चौराहों डाल देते हैं। कचरा अगले दिन उठने से ढेर मवेशी फैलाते रहते हैं। लोगों को इसके ऊपर से गुजरना पड़ता है। नगर परिषद कार्यालय के पास शासकीय कन्या हायर सेकंडरी स्कूल, मिडिल स्कूल, खटीक गली के दोनों रास्ते, सिनेमा गली के ट्यूबवेल के पास, रावला गली ब्राह्मण धर्मशाला, बड़ा गणेश मंदिर, आलोट नाका मुख्य चौराहे के आसपास गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। रहवासी रोहित शर्मा, अशोक माली, जितेंद्र पोरवाल ने बताया बदहाल सफाई व्यवस्था से नई नगर परिषद को निपटना होगा तभी ताल के गंदगी मुक्त होने का सपना साकार हो सकेगा।
यूं सुधर सकती व्यवस्था
सुबहकी सफाई के साथ गंदगी उठाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाएं। दुकानदार रहवासी भी कचरापेटी का उपयोग करें। गांव के बाहर सरकारी कुआं, आलोट रोड, करवाखेड़ी, कुटिया मार्ग, जावरा रोड, ईंट भट्टा की ओर सीधे कचरा डालने का स्थान बनाना चाहिए।
संसाधनोंकी कमी नहीं
^परिषदमें संसाधनों सफाईकर्मियों की कमी नहीं है। नगर को गंदगी मुक्त करना पहली प्राथमिकता है। श्वेतापितलिया, निर्वाचितअध्यक्ष, नगर परिषद, ताल
ताल में इस तरह चौराहों पर गंदगी के ढेर लगे हैं।