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9 महीने में ब्रिज की ड्राइंग तक नहीं बनी
रेलवे एवं सेतु निर्माण विंग द्वारा किए संयुक्त सर्वे के 9 महीने बाद भी अब तक ये तय नहीं हो रहा कि नगर के मध्य फाटक पर ब्रिज कैसा और कब बनेगा। इतने समय में भी रेलवे ने ड्राइंग डिजाइन एस्टीमेट तक नहीं बनाया। इससे मामला अटका पड़ा है। यहां लोगों को रोज जाम से जूझना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन भी फाटक पर यातायात व्यवस्था सुधारने पर ध्यान नहीं दे रहा। शनिवार को जाम लगने से सैकड़ों वाहन चालक परेशान हुए।
रेलवे स्टेशन के पास वाला फाटक रोज औसत हर आधे घंटे में बंद होता है। इससे जाम लग जाता है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। फाटक की जगह अंडर या ओवरब्रिज निर्माण के बाद ही समस्या से मुक्ति मिलेगी। लंबे समय से यहां ब्रिज निर्माण की मांग की जा रही है। पूर्व विधायक महेंद्रसिंह कालूखेड़ा से लेकर वर्तमान विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय ने कई बार शासन को पत्र लिखे। डीआरएम से लेकर रेल मंत्री के समक्ष समस्या बयां की लेकिन हल नहीं हुई। 8 जनवरी को लोक निर्माण विभाग की सेतु विंग एवं रेलवे इंजीनियरों ने फाटक पर ब्रिज निर्माण के लिए सर्वे किया। आस बंधी थी कि जल्द ही ब्रिज की सौगात मिलेगी। रेलवे ने ड्राइंग डिजाइन एस्टीमेट तक नहीं बनाया। सेतु विंग का कहना है जब तक ड्राइंग एस्टीमेट नहीं आता तब तक हम कुछ नहीं कर सकते।
^फाटक पर बैरिकेड्स लगाकर व्यवस्था सुधारने का प्रयास करेंगे। सोमवार से फाटक पर गलत साइड खड़े रहने वाले वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई भी करेंगे ताकि व्यवस्था बिगड़े। के.के.व्यास, एसडीओपीजावरा
^संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हूं। शीघ्र ही मामला आगे बढ़वाया जाएगा, ताकि जनता को सुविधा मिल सके। सुधीरगुप्ता, सांसद-मंदसौर-जावरा संसदीय क्षेत्र
फाटक पर इस तरह जाम लगना रोज की समस्या है। फोटो- दिलीप धनोतिया।