7 संकल्प पूरे हुए तभी किया पारणा
साधुमार्गीजैन समाज के नौलाईपुरा स्थित धर्मदास मित्र मंडल स्थानक में सोमवार को जैन समाज उमड़े। ये यहां राजेशमुनिजी के 1008वें अभिग्रह पारणा की क्रिया में शामिल होने जुटे थे। पुण्य अर्जन के लिए समाजजन मुनिश्री के साथ निकले।
स्थानक भवन पर सुबह 6 बजे से श्रावक-श्राविकाएं आना शुरू हो गए थे। मुंहपत्ती लगाकर आए समाजजन ने नवकार महामंत्र जाप किया। इसके बाद सभी पौने 7 बजे राजेशमुनिजी के साथ उनके संकल्पों को लेकर अभिग्रह के लिए स्थानक से रवाना हुए। उनके साथ रतलाम, जावरा, शाहदा जैन श्रीसंघ के पदाधिकारी महिलाएं जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। मुनिश्री प्रमुख मार्ग से निकले तो हर कोई उनके दर्शन को रुका। चांदनी चौक तथा सुनार गली में उनके संकल्प पूरे हुए। सुनार गली में प्रकाश धम्माणी के यहां उन्होंने पारणा किया। इस दौरान जयकारों से सुनार गली गूंज उठी। प्रचार प्रमुख अरविंद मेहता ने बताया श्रीसंघ अध्यक्ष आजाद मेहता, रखब चत्तर, जयंतीलाल मेहता, रमनलाल बोहरा, कांतिलाल मंडलेचा सहित समाजजन शामिल हुए।
मुनिश्री के ये थे अभिग्रह
{किसी व्यक्ति ने अपने हाथों की आठों अंगुलियों दोनों अंगूठों में अंगूठियां पहनी हों।
{ वह द्वार पर खड़ा हो।
{ वहां शुभ-लाभ नाम के दो अन्य व्यक्ति भी हों।
{ कोई पति-प|ी सफेद वस्त्र में हों।
{ कोई हाथ में स्टील का बर्तन लेकर खड़ा हो।
{ कोई सफेद मोजे पहना हो।
{ किसी की गोद में बालक हो।
दर्शन से ही मिलता है पुण्य
श्रद्धालुसुभाष टुकडिया, पवन डांगी ने बताया मुनिश्री के दर्शन लाभ से ही पुण्य मिलता है। अभिग्रह के संकल्प पूरे होते देखना किसी आश्चर्य से कम नहीं। मुनिश्री के साथ जाने वाले को इसका अहसास होता है। सोमवार को राजेंद्रमुनिजी के मासक्षमण की तपस्या पूरी हुई। श्रद्धालुओं को विजयमुनिजी का भी सान्निध्य भी मिला।
ऐसे पूरे हुए अभिग्रह
मुनिश्रीजब निकले तो उन्होंने चांदनी चौक में महेश सोनी को अंगूठी पहने देखा। जो द्वार पर खड़े थे। इसके बाद एक महिला स्टील का टिफिन लेकर जाती दिखी। दोनों को रोका। शुभम लाभचंद्र नाम के व्यक्ति भी मिल गए। इसी क्षेत्र में पति-प|ी सफेद वस्त्र में मिले। गोद में बच्चा लिए एक व्यक्ति भी मिला।
अभिग्रह से पहले स्थानक में जाप करतीं महिलाएं।