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मंदिर की फेरी लगाकर की आराधना

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता| जावरा/हाटपिपल्या

हाटपिपल्यारोड स्थित अष्टापद जैन तीर्थ में बुधवार से उपद्यान तप शुरू हुए। पहले दिन श्रावक-श्राविकाओं ने जयकारों के साथ मंदिर की फेरी लगाकर आराधना शुरू की। आयोजन 51 दिन चलेगा।

ये आयोजन श्रीवर्धमान जैन सुकृत ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है। ट्रस्ट अध्यक्ष आदरकुमार भंसाली, संरक्षक राजमल धारीवाल, सचिव रवींद्रसिंह श्रीमाल, कोषाध्यक्ष आजादसिंह ढढ्ढा ने बताया संत कुशलमुनिजी साध्वी जिनशिशु प्रज्ञाश्रीजी की निश्रा में बुधवार अलसुबह 3 बजे 150 श्रावक-श्राविकाएं उठे और साधु-साध्वी का वेश धारण किया। जयकारे लगाकर मंदिर की फेरी लगाई। नवकार महामंत्र की आराधना करने के बाद मालाएं बेली। चार घंटे चली आराधना का लाभ जयंतीलाल दख परिवार ने लिया। शाम 7 बजे भगवान अष्टापद की बड़ी आरती की गई। श्रावक-श्राविकाओं ने उपवास भी रखा। गुरुवार को पारणा होगा।

9राज्यों से आए श्रावक-श्राविकाएं-आयोजन मेंभाग लेने के लिए 9 राज्यों छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, कोलकाता, तमिलनाडु, चेन्नई से समाजजन आराधना करने यहां आए हैं।

मोक्षमाला पहनाकर होगा बहुमान-उपद्यान आयोजनका समापन 1 फरवरी को होगा। इस दिन उपद्यान करने वाले श्रावक-श्राविकाओं का मोक्ष माला पहनाकर बहुमान किया जाएगा।

आराधकों की दिनचर्या

{सभीसुबह 3 बजे उठेंगे।

{3.30 से 4.30 बजे तक मालाएं फेरेंगे।

{5.30 बजे प्रतिक्रमण के बाद सभी मंदिर की फेरी लगाएंगे।

{साधु-साध्वीजी के व्याख्यान के बाद दोपहर 12 बजे तक धार्मिक क्रियाएं चलेंगी।

{एक दिन उपवास और एक दिन एक समय भाेजन करेंगे। एक-एक दिन बारी-बारी से एकासना, निवी (छाछ में बनाई वस्तु का सेवन) आयंबिल तप किया जाएगा।