पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • बसों में न किराया सूची और न ही फर्स्टएड बॉक्स, संचालकों ने नियम रखे ताक पर

बसों में न किराया सूची और न ही फर्स्टएड बॉक्स, संचालकों ने नियम रखे ताक पर

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रतलाम-मंदसौर मार्ग पर चलने वाली यात्री बसों द्वारा परिवहन विभाग के नियमों की खुले आम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यात्री बसों में न किराया सूची है और ना फर्स्टएड बॉक्स। सीट के मान से अधिक सवारी बसों में बिठाई जाती है। ऐसे में लोगों की जान जोखिम में डाली जा रही है।

आरटीओ कभी-कभार कुछ बसों की जांच कर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई तो करता है लेकिन मामूली जुर्माना कर छोड़ दिया जाता है। इस कारण नियमों का सही तरीके से पालन नहीं होता है। रतलाम व मंदसौर के लिए प्रतिदिन सैकड़ों बसों की आवाजाही होती है लेकिन एक भी बस में दूरी के मान से किराया सूची नहीं लगाई है। इतना ही नहीं कई बार जांच में कई बसों के परमिट भी नहीं होते। बस चालक नियमों को ताक पर रखकर क्षमता से अधिक सवारी बिठा लेते हैं। कई बार सवारी इतनी हो जाती है कि उन्हें खड़े-खड़े सफर करना पड़ता है। ऐसे में कभी भी सफर हादसे का रूप ले सकता है। नगर से उज्जैन, नागदा, बड़नगर, रतलाम, नीमच, मंदसौर, धार, बदनावर आदि अन्य शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बसों की आवाजाही होती है। बसों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं होने से किसी भी यात्री के दुर्घटना होने पर उसे प्राथमिक उपचार नहीं मिल सकता है।

ऐसे हो रहा है उल्लंघन
1. बसों पर न तो बीमा का उल्लेख है और न ही फिटनेस सर्टिफिकेट लगा है।

2. बसों के अंदर और गेट के पास किराया सूची भी नहीं लगी हुई है।

3. बस ड्राइवर व कंडक्टर यूनिफॉर्म भी नहीं पहनते।

4. बसों में आग से बचाव के लिए अग्निशमन यंत्र भी नहीं हैं।

ये हैं जरूरी नियम
1. बस में ड्राइवर सीट के पीछे अग्निशमन यंत्र जरूरी है।

2. बस के आगे काम पर बस का बीमा व फिटनेस सर्टिफिकेट लगा होना चाहिए।

3. बस के ड्राइवर व कंडक्टर को ड्रेस पहनना जरूरी।

4. बसों में फर्स्टएड बॉक्स भी होना जरूरी।

5. बसों के रूट के अनुसार किराया सूची लगी होना चाहिए।

बच्चों की जान भी जोखिम में
नगर के स्कूल में अधिकांश बच्चे पढ़ने के लिए आसपास ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। इसके लिए उन्हें बसों का सहारा लेना पड़ता है। बस चालक भी चंद पैसों के लिए स्कूली बच्चों की जान जोखिम में डाल देते हैं। ज्यादातर बच्चे खड़े-खड़े सफर करते हैं।

उल्लंघन करने वालों के चालान
यातायात प्रभारी हरगोविंद सिंह ने बताया नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए प्रतिदिन बसों के परमिट व अन्य दस्तावेज जांचे जा रहे हैं। अन्य नियमों के पालन के लिए बस चालकों को हिदायत दी है।

चौपाटी बस स्टैंड पर खड़ी यात्री बसें, एक पर भी किराया सूची लगी नहीं।

खबरें और भी हैं...