सोनोग्राफी बंद, मरीज परेशान
सरकारीअस्पताल में सालों से बंद सोनोग्राफी मशीन तो चालू नहीं की बल्कि रेडक्रॉस से होने वाली सोनोग्राफी सुविधा भी मंगलवार से बंद हो गई। अब मरीजों को नर्सिंग होम या क्लीनिक पर सोनोग्राफी के 500 से 600 रुपए देना पड़ेंगे।
सरकारी अस्पताल की सोनोग्राफी मशीन 2008 से बंद है। कई बार मशीन रिपेयर करवाने की मांग उठी लेकिन अस्पताल प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। 6 महीने पहले रोगी कल्याण समिति की बैठक में भी मांग उठी और नई मशीन खरीदने का निर्णय हुआ लेकिन अब तक कुछ नहीं किया।
मार्च 2013 में रेडक्रॉस सोसायटी ने अपने स्तर पर सोनोग्राफी मशीन खरीदकर 100 रुपए शुल्क के साथ सोनोग्राफी करना शुरू की थी। रेडक्रॉस के सोनोग्राफी सेंटर पर रतलाम की डाॅ. आबेदा कुरैशी सेवा दे रही थीं। मंगलवार से इनकी सेवा समाप्त कर दी गई। रेडक्रॉस चेयरमैन प्रकाश बारोड़ ने बताया रतलाम रेडक्रॉस शाखा से लेटर आया कि रतलाम में बिना पूर्व सूचना के लगातार अनुपस्थित रहने के कारण डॉ. कुरैशी की सेवाएं समाप्त कर रहे हैं। जावरा में भी उनसे काम नहीं लिया जाए। इसके बाद उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। सीएमएचओ डाॅ. पुष्पेंद्र शर्मा के अनुसार नई गाइड लाइन के मुताबिक एमबीबीएस डॉक्टर ही सोनोग्राफी करने के लिए अधिकृत हैं और उन्हें भी मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया में पंजीकृत होना चाहिए। डॉ. कुरैशी एमबीबीएस नहीं होने से उनकी सेवा समाप्त की गई।